चलती ट्रेन के सैलून कोच में पहले सुहागरात की सजावट और अब #रुद्राभिषेक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई सवाल उठाए गए, जिसके बाद रेलवे ने सफाई देते हुए कहा कि यह किसी सरकारी वीआईपी कोच का इस्तेमाल नहीं था, बल्कि एक निजी संस्था द्वारा नियमों के तहत की गई कमर्शियल बुकिंग थी।
रेलवे के मुताबिक, IRCTC के जरिए सैलून कोच को निर्धारित शुल्क देकर निजी उपयोग के लिए बुक किया जा सकता है। बुकिंग के बाद यात्रियों को कानूनी गतिविधियों की अनुमति होती है, लेकिन शर्त यह है कि सुरक्षा नियमों, रेलवे के निर्देशों और अन्य यात्रियों की सुविधा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी तौर पर बुक किए गए सैलून कोच में धार्मिक अनुष्ठान या पूजा-पाठ पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है, बशर्ते इससे ट्रेन के संचालन, सुरक्षा या यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। रेलवे ने सोशल मीडिया पर किए गए उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें इस कोच को सरकारी या वीआईपी सैलून बताया जा रहा था।
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