केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद देश की न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अब **FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की पूरी न्याय प्रक्रिया तीन साल के भीतर पूरी करने का लक्ष्य** है।
अमित शाह ने कहा कि पहले भारतीय न्याय व्यवस्था को अक्सर “तारीख पर तारीख” के लिए जाना जाता था, लेकिन नए कानूनों से इसमें तेजी आएगी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की आधुनिक व्यवस्थाओं में शामिल होगी।
ये तीनों नए कानून **1 जुलाई 2024 से लागू** हैं।