
6 जुलाई को काशी विश्वनाथ मंदिर में लगेगा निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर
श्री नीलकंठ महादेव सेवा प्रन्यास एवं वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजन
हनुमानगढ़, 4 जुलाई 2026।
आमजन को आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर तथा श्री नीलकंठ महादेव सेवा प्रन्यास के संयुक्त तत्वावधान में 6 जुलाई (सोमवार) को हनुमानगढ़ जंक्शन के गांधी नगर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में एक भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें अनुभवी आयुर्वेदाचार्य एवं प्राकृतिक चिकित्सक विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
शिविर में आमजन के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सकों से व्यक्तिगत परामर्श तथा संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान किडनी, लीवर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों एवं घुटनों का दर्द, रीढ़ संबंधी समस्याएं, स्लिप डिस्क (L4-L5), नसों के रोग, अस्थमा, अनिद्रा, मिर्गी तथा अन्य दीर्घकालिक बीमारियों के लिए आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी पद्धति के माध्यम से उपचार एवं परामर्श दिया जाएगा। रोगियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप उचित आहार-विहार, दैनिक दिनचर्या एवं प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे, जिससे वे दीर्घकाल तक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकें।
वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, तनाव और अनियमित खान-पान के कारण अनेक लोग गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा रोगों के उपचार के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह शिविर आमजन के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां बिना किसी शुल्क के अनुभवी चिकित्सकों से स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित लोगों से शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण करवाने का आग्रह किया।
श्री नीलकंठ महादेव सेवा प्रन्यास के अध्यक्ष अश्वनी नारंग ने बताया कि इस प्रकार के चिकित्सा शिविरों का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों को आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जो शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ बिना दुष्प्रभाव के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।
शिविर प्रभारी अनिल जांदू ने सभी नागरिकों से अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों के साथ अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर इस निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में आयोजित यह शिविर क्षेत्रवासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी पहल साबित होगा। उन्होंने बताया कि शिविर में मरीजों को रोगों की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत परामर्श प्रदान किया जाएगा, जिससे वे प्राकृतिक एवं संतुलित जीवनशैली अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकें।