**बाबाधाम में दशहरे पर नहीं जलता रावण का पुतला, भगवान शिव की भक्ति से जुड़ी है अनोखी परंपरा**
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विजयादशमी के दिन रावण का पुतला नहीं जलाया जाता। देशभर में जहां दशहरे पर रावण दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, वहीं बाबाधाम में सदियों से चली आ रही एक अलग धार्मिक परंपरा का पालन किया जाता है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, रावण भगवान शिव का परम भक्त था। पौराणिक कथा के मुताबिक, वह बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग को लंका ले जाना चाहता था, लेकिन शिवलिंग देवघर में ही स्थापित हो गया। इसी वजह से यहां के लोग रावण की शिवभक्ति का सम्मान करते हैं और उसका पुतला नहीं जलाते। हालांकि, देवघर जिले के मधुपुर में रावण दहन किया जाता है।