
कैसे हुई X-ray की खोज? | SA News Chhattisgarh
09-07-2026: X-ray की खोज जर्मन वैज्ञानिक ने 8 नवंबर 1895 को की थी। यह खोज पूरी तरह संयोग से हुई, लेकिन इसके पीछे वर्षों का वैज्ञानिक प्रयोग था।
रॉन्टगन एक कैथोड रे ट्यूब (Crookes Tube) पर प्रयोग कर रहे थे। उन्होंने ट्यूब को काले गत्ते से ढक रखा था, ताकि बाहर कोई प्रकाश न निकले। प्रयोग के दौरान उन्होंने देखा कि पास में रखा बेरियम प्लैटिनोसायनाइड से लेपित पर्दा अचानक चमकने लगा, जबकि उस पर सामान्य प्रकाश नहीं पड़ रहा था।
उन्होंने समझा कि ट्यूब से कोई ऐसी अदृश्य किरणें निकल रही हैं जो काले गत्ते को भी पार कर सकती हैं। चूंकि उस समय इन किरणों के बारे में कुछ पता नहीं था, इसलिए उन्होंने इन्हें "X-rays" नाम दिया, जहाँ "X" का अर्थ होता है "अज्ञात"
इसके बाद रॉन्टगन ने कई प्रयोग किए। उन्होंने पाया कि ये किरणें कागज़, कपड़ा और शरीर के मुलायम ऊतकों को पार कर जाती हैं, लेकिन हड्डियाँ और धातु इन्हें रोक देती हैं। इसी कारण शरीर के अंदर की हड्डियों की तस्वीर लेना संभव हुआ।
उन्होंने अपनी पत्नी के हाथ की पहली X-ray तस्वीर ली, जिसमें हड्डियाँ और उनकी अंगूठी स्पष्ट दिखाई दे रही थीं। यह दुनिया की पहली चिकित्सा X-ray तस्वीर मानी जाती है।
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