
पांगी के साच घराट में 23 अक्टूबर को चंद्रभागा नदी तट पर होगी महाआरती और हवन, हरिद्वार की तर्ज पर घाट निर्माण का प्रस्ताव तैयार
चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी की पहल से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और नदी संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा, अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर ने जनता और देव समाज से की आयोजन में शामिल होने की अपील
पांगी, चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। पांगी के साच घराट में आगामी 23 अक्टूबर को पवित्र चंद्रभागा नदी के तट पर महाआरती एवं हवन का आयोजन किया जाएगा। चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। आयोजन का उद्देश्य चंद्रभागा नदी के धार्मिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही क्षेत्र की प्राचीन आस्थाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजना है।
समिति की ओर से आयोजित होने वाली महाआरती और हवन में क्षेत्र के लोगों, देव समाज, बुद्धिजीवियों तथा श्रद्धालुओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है। चंद्रभागा नदी पांगी घाटी की प्राकृतिक पहचान होने के साथ-साथ स्थानीय जनमानस की धार्मिक आस्था से भी गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे में नदी के पावन तट पर सामूहिक महाआरती का आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
हरिद्वार की तर्ज पर घाट निर्माण का प्रस्ताव
इस धार्मिक आयोजन के साथ चंद्रभागा नदी के तट को व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी कदम उठाया जा रहा है। चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी की ओर से नदी किनारे हरिद्वार की तर्ज पर घाट निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य भविष्य में नदी तट पर धार्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान विकसित करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
यदि इस प्रस्ताव को आगे चलकर आवश्यक स्वीकृति और सहयोग मिलता है, तो घाट का निर्माण पांगी में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि, घाट निर्माण की स्वीकृति, वित्तीय व्यवस्था और कार्य शुरू होने की समयसीमा के संबंध में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर ने की सहभागिता की अपील
चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर ने पांगी क्षेत्र की समस्त जनता, देव समाज, बुद्धिजीवियों और श्रद्धालुओं से 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाली महाआरती एवं हवन में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग और सहभागिता की अपील की है।
इस पहल को क्षेत्र की धार्मिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सामूहिक रूप से आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम स्थानीय परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और लोगों को अपनी प्राकृतिक एवं धार्मिक धरोहरों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
### आस्था के साथ नदी संरक्षण का संदेश
चंद्रभागा नदी के तट पर महाआरती और हवन का आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नदी के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण के संकल्प को भी मजबूत करने का अवसर है। नदी के स्वच्छ तट, प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक महत्व को बनाए रखने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
चंद्रभागा तीर्थ सेवा समिति पांगी की यह पहल आने वाले समय में साच घराट को धार्मिक गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को भी सामने लाती है। अब क्षेत्रवासियों की सहभागिता के साथ 23 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन पर सबकी निगाहें रहेंगी।
आस्था, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संगम — साच घराट में चंद्रभागा महाआरती पांगी की धार्मिक पहचान को नई दिशा देने की एक पहल है।
Saach, Chamba | Oct 21, 2026