
झारखंड के पांच जिलों की ट्रेजरी से फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए की निकासी के मामलों की जांच चार स्तर से हो रही है। बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी व एसपी ऑफिस के मामले में सीआईडी ने 10 के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है।
इसमें किसी डीडीओ और ट्रेजरी अफसर के नाम नहीं हैं। बोकारो और हजारीबाग समेत वैसे सभी जिलों के ट्रेजरी अफसर फर्जी निकासी का मामला उजागर होने के 3 माह बाद भी वहीं बने हुए हैं। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस घोटाले में वित्त विभाग, कोषागार और ट्रेजरी अफसरों को क्लीन चिट दे दी है। कहा है कि इस मामले में कोई ट्रेजरी अफसर दोषी नहीं है, न ही उनकी कोई संलिप्तता है।
मालूम हो कि छह अप्रैल को भास्कर ने राजकोष में हुए इस घोटाले को उजागर किया था। इस मामले में बोकारो और हजारीबाग पुलिस में एफआईआर दर्ज होने के बाद वित्त विभाग ने 10 अप्रैल को इस मामले की सीआईडी जांच कराने की अनुशंसा की थी। इसके बाद एक सप्ताह पहले बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस और ट्रेजरी मामले में दो अलग-अलग चार्जशीट कोर्ट में जमा की हैं।
इस अवैध निकासी की गहन और विस्तृत जांच के लिए उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय एक उच्च स्तरीय समिति बनी है। लेकिन इस एसआईटी ने अब तक किसी जिले की रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इससे स्पष्ट नहीं है कि एसआईटी की नजर में भी डीडीओ व ट्रेजरी अफसर दोषी हैं अथवा नहीं। वैसे सरकार ने इस एसआईटी को रिपोर्ट सौंपने की कोई समय सीमा तय नहीं की है।
Namkum, Ranchi | Jul 14, 2026