
राजनीति में तस्वीरों से ज़्यादा मायने विश्वास का होता है।
कल से सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा चल रही है,किसी ने कहा कि कैलाश चौधरी जी को मंच पर प्रधानमंत्री के साथ जगह नहीं मिली। विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है और कुछ समर्थक भी इसे लेकर बेचैन दिखाई दे रहे हैं।
लेकिन एक सवाल हर समर्थक को खुद से पूछना चाहिए...
अगर आपको अपने नेता की क्षमता पर भरोसा ही नहीं है, तो फिर समर्थन किस बात का?
और अगर भरोसा है, तो वह आधा-अधूरा नहीं, पूरा होना चाहिए।
राजनीति में मंच पर कौन कहाँ बैठा, किसकी फोटो कितनी बड़ी छपी, किसका नाम पहले आया,ये सब पल भर की बातें हैं। असली पहचान किसी नेता की उसके काम, उसके जनाधार, उसके संगठन और पार्टी में उसकी दीर्घकालिक उपयोगिता से होती है।
हर कार्यक्रम की अपनी व्यवस्था, प्रोटोकॉल और परिस्थितियाँ होती हैं। हर तस्वीर के आधार पर राजनीतिक भविष्य तय करना न तो समझदारी है और न ही परिपक्व राजनीति।
समर्थक का काम हर अफवाह पर घबराना नहीं, बल्कि अपने नेता के संघर्ष और क्षमता पर विश्वास रखना है।
या तो अपने नेता की काबिलियत पर भरोसा मत कीजिए... और यदि भरोसा कीजिए, तो फिर हर छोटी-बड़ी बात पर डगमगाइए मत।
नेता की असली ताकत मंच पर मिली कुर्सी नहीं, बल्कि जनता के दिलों में मिली जगह होती है।
#KailashChoudhary #NarendraModi
Baytoo, Barmer | Jul 6, 2026