तंत्र साधना का ऐतिहासिक केंद्र: पुरानी दुर्गा मंदिर
• यह बखरी का सबसे प्राचीन मंदिर है, जो लगभग 500 से 600 साल पुराना है।
• इसे एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है, जहाँ नवरात्र की निशा पूजा में नेपाल और देश के कोने-कोने से तांत्रिक सिद्धि के लिए आते हैं।
भक्ति और भव्य मेले का प्रतीक: सार्वजनिक नव दुर्गा स्थान
• गोधियारी रेलवे गुमटी के पास स्थित इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1978 में हुई थी।
• यहाँ स्थानीय समाज द्वारा सार्वजनिक रूप से पूजा का आयोजन होता है, और दशहरे में सबसे भव्य मेला यहीं लगता है।
आस्था और आधुनिक भव्यता का संगम: श्री वैष्णवी दुर्गा मंदिर
• मखाचक क्षेत्र में स्थित यह मंदिर बखरी बाजार के मुख्य आस्था केंद्रों में से एक है।
• यहाँ नवरात्र के दौरान सुंदर पंडाल और आकर्षक सजावट की जाती है, जिसे देखने भारी भीड़ उमड़ती है।