5 जुलाई सिख पंथ की सर्वोच्च महान श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना(सृजना)दिवस है, लख लख बधाई, इस सृजन स्थान श्री अकाल तख्त साहिब का पंथ के लिए विशेष स्थान एवं सम्मान है क्योंकि इसे पंथ की स्वतंत्र धार्मिक, राजनैतिक प्रभु सत्ता के स्थान से 1606 में 6 वे गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी ने सुशोभित किया तथा धार्मिक, राजनैतिक शक्ति प्रतीक मीरी एवं पीरी(भक्ति एवं शक्ति) की दो श्री साहिब(कृपाण)धारण की परंपरा की, मीरी को भक्ति एवं पीरी को शक्ति के प्रतीक धारण किया,
"मुगल हुकुमत को चुनौती"
गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी ने श्री अकाल तख्त साहिब में 12 फुट ऊंचा अपना तख्त (आसन,थड़ा,मंच,)बनाकर हुकूमत को चुनौती दी क्योंकि उस हुकूमत के समय कोई भी 3 फिट से ऊंचे तख्त स्थान पर बैठने का हकदार नहीं था,ये मुगल सम्राट जहांगीर को खुली चुनौती थी,सिख पंथ की सर्वोच्च शक्ति के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब को मान्यता प्राप्त है,
ਧਰਮ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਮੇਟੀ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ Gurmat misson ਗੁਰਮਤਿ ਮਿਸ਼ਨ
Takhat Sri Harimandir Ji Patna Sahib
#रविन्द्र_सिंह_भाटिया