
श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगी सोरों नगरी, धूमधाम से मनाई गोस्वामी तुलसीदास की 515वीं जयंती
तुलसी प्रतिमाओं का पंचाभिषेक, राघव सरकार का दुग्धाभिषेक और सुंदरकांड-रामचरितमानस पाठ का आयोजन; जन्मभूमि मंदिर में भी हुआ पूजन, शाम को सतरंगी रोशनी से जगमगाया तुलसी स्मारक
सोरों जी, कासगंज। तीर्थ नगरी शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी में रामचरितमानस के रचयिता एवं मानसकार गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की 515वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ धूमधाम से मनाई गई। नगर के विभिन्न तुलसी स्मारकों और जन्मस्थान मंदिरों पर दिनभर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। तुलसी प्रतिमाओं का पंचाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पूजन-अर्चन, माल्यार्पण, सुंदरकांड एवं श्रीरामचरितमानस पाठ के साथ देर शाम भव्य आरती और मेले का आयोजन किया गया।
विहिप तुलसी मेला समिति के तत्वावधान में तुलसी पार्क स्थित तुलसी प्रतिमा का पंचाभिषेक एवं पूजन किया गया। रामानुजाचार्य संप्रदाय के संत एवं विहिप के केंद्रीय सदस्य योगीराज दिव्यानंद महाराज ने आचार्य दिलीप वशिष्ठ एवं नरेश वेदांती के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया। मुख्य अतिथि ने दिव्य श्रीराम दरबार का दुग्धाभिषेक कर तुलसीदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर पुष्पांजलि अर्पित की और प्रतिमा की परिक्रमा कर “तुलसी बाबा की जय” के जयकारे लगाए।
इस अवसर पर स्वामी दिव्यानंद योगी ने कहा कि सूकरखेत की पवित्र धरा पर जन्मे गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस की रचना कर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम को जन-जन का राम बना दिया। रामचरितमानस का अध्ययन व्यक्ति को अपने गुण-दोषों का मूल्यांकन करने के साथ नैतिकता, मानवता, कर्म और त्याग के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने कहा कि श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी दिव्य शक्ति है, जो नियमित पाठ करने वाले व्यक्ति को दुःख, विषाद, निराशा और अनेक प्रकार के क्लेश से उबरने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि सोरों जी में जन्मे ऐसे दिव्य पुरुष गोस्वामी तुलसीदास जी को बार-बार नमन है।
हरि की पैड़ी स्थित तुलसी स्मारक पर भी धार्मिक आयोजन
हरि की पैड़ी स्थित तुलसी स्मारक पर महंत मनु दुबे सिद्ध बाबा के नेतृत्व में तुलसी आरती मंडल द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जी का पंचाभिषेक एवं विशेष पूजन किया गया। तुलसीदास जी की प्रतिमा को दुग्धाभिषेक एवं पंचाभिषेक कर स्नान कराया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। प्रभु श्रीराम राघव सरकार का भी दुग्धाभिषेक कराया गया। पंडित सक्षम द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया।
इसी अवसर पर चल रहे श्रीरामचरितमानस पाठ का विधिवत समापन भी हुआ। महंत मनु दुबे सिद्ध बाबा ने बताया कि देर शाम तुलसीदास जी की भव्य आरती का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
जन्मभूमि मंदिर में ब्राह्मण कल्याण सभा ने किया पूजन
गोस्वामी तुलसीदास जी की पावन जन्मभूमि स्थित जन्म स्थान मंदिर, लहरा रोड के सामने ग्राम देवी मंदिर परिसर में ब्राह्मण कल्याण सभा® द्वारा भी श्रद्धापूर्वक जयंती मनाई गई। विधिवत पूजन-अर्चन एवं माल्यार्पण के साथ गोस्वामी तुलसीदास जी को नमन किया गया। कार्यक्रम में सुंदरकांड का पाठ हुआ और श्रद्धालुओं ने तुलसीदास जी के जीवन, साहित्य, श्रीराम भक्ति एवं सनातन संस्कृति में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
ब्राह्मण कल्याण सभा® के संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पाण्डेय ने कहा कि तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, भक्ति और संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाया। आचार्य नरेश जी बरबारिया ने कहा कि तुलसीदास जी की रचनाओं में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और संस्कारों का अद्भुत समन्वय है। भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त नितिन पचौरी ने कहा कि तुलसीदास जी ने भगवान श्रीराम के चरित्र को जन-जन के हृदय में स्थापित किया और उनका साहित्य जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में श्रीरामचरितमानस की उस चौपाई का भी स्मरण किया गया, जिसमें तुलसीदास जी ने शूकरक्षेत्र का उल्लेख करते हुए लिखा है—
“मैं पुनि निज गुर सन सुनी, कथा सु सूकरखेत।
समुझी नहिं तसि बालपन, तब अति रहउँ अचेत॥”
इस प्रसंग के माध्यम से शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी का तुलसीदास जी के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया गया।
स्कूली बच्चों ने निकाली प्रभात फेरी, शाम को लगा तुलसी मेला
तुलसी जयंती के अवसर पर तीर्थनगरी के भागीरथी इंटर कॉलेज, एसटीडीएम इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी निकालकर तुलसी स्मारक पहुंचकर गोस्वामी तुलसीदास जी को नमन किया।
शाम के समय तुलसी स्मारक को सतरंगी रोशनी से सजाया गया और मेले का आयोजन हुआ। मेले में बच्चों के लिए खिलौनों के फड़ और छोटे झूले आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं चाट-पकौड़ी के ठेलों पर लोगों ने चटपटी चाट का आनंद लिया। धार्मिक उल्लास के साथ मेले में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
कार्यक्रमों में डॉ. प्रभाकर पाराशरी, सुरेश पटियात, मानवेंद्र गिरी, इंद्रजीत सिंह, श्रीभगवान उपाध्याय, डॉ. एनपी सिंह हल्दिया, सुनील तिवारी, कृष्णकांत वशिष्ठ, अखिलेश तिवारी, महेश चंद्र त्रिवेदी, श्रीकांत तिवारी, आदित्य दुबे, संजय दुबे, राघव चाकर, पवन उपाध्याय, बृजेश उपाध्याय, जयकिशन तिवारी, आदित्य काकोरिया दुबे, रविन्द्र ब्रह्मचारी, मनोज चौहान, अरविंद तिवारी, ऋषि कुमार मौर्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वहीं ब्राह्मण कल्याण सभा के कार्यक्रम में शिव बेंदेल, हरिओम पचौरी, विष्णुकांत तिवारी, सभासद धनदीप दघिर्रा ‘लालू’, विकास तिवारी, हिमांशु पचौरी, जयप्रकाश त्रिवेदी, शिवानंद उपाध्याय, आकाश महेरे, गंगा विष्णु माफीदार, रामू तिवारी, दादा पवन दुबे, श्याम बिहारी दीक्षित, गगन कोठेवर, राधे मोहन झा, विनोद दीक्षित, नीरज तिवारी, मनोज मिश्रा, प्रवीण वशिष्ठ, सोनू महेरे, मोहित उपाध्याय, विष्णु तिवारी सहित सभा के सदस्य एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
जय सियाराम के जयघोष के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ और सभी सनातन धर्मावलंबियों को गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की 515वीं जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।