इस प्रकार के प्राणियों को मृत्यु दण्ड दिया जाना बेहद जरूरी था, क्योंकि इन्होंने एक व्यक्ति की हत्या नहीं की थी, इन्होंने एक व्यवस्था की हत्या की थी ,एक विश्वास की हत्या की थी, एक पवित्र रिश्ते की हत्या की, एक भविष्य की हत्या की थी ,और अगर इन्हें ये सजा ना मिलती तो हो सकता है कि इसका दोहराव भी हो , बाकी दिवंगत आत्मा को न्याय मिला ,
अब देखना ये है कि शीर्ष अदालत इस फैसले पर क्या करती है
#सत्यमेव_जयते
#भारतीय_न्याय_व्यवस्था
#indianlaws