
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक क्रांति
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा फैसला – अब 15 मिनट के भीतर पहुंचेगी एंबुलेंस, गांव-गांव तक मिलेगा आपातकालीन स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी सोच के अनुरूप झारखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है।
एक संवेदनशील चिकित्सक और जनसेवक के रूप में डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल एंबुलेंस की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद मरीज तक समय पर जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का केंद्र अब आम जनता होगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी मरीज को एंबुलेंस के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े।
*आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में होंगे बड़े बदलाव*
राज्य सरकार ने 108 एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह सुदृढ़ और आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से पुरानी एंबुलेंस को हटाकर नई अत्याधुनिक एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में 15 मिनट के भीतर एंबुलेंस मरीज तक पहुंचे, ताकि समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके और अनमोल जीवन बचाए जा सकें।
*720 नई हाईटेक एंबुलेंस से मजबूत होगा स्वास्थ्य नेटवर्क*
झारखंड सरकार राज्यभर में 720 नई एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। इनमें—
- 50 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस
- 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस
- 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV)
शामिल होंगे।
इनमें 400 पीटीवी एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में तैनात की जाएंगी, जबकि ALS एंबुलेंस सदर अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध रहेंगी, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
*गांव और पहाड़ी क्षेत्रों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पूर्व में खरीदी गई बड़ी एंबुलेंस कई दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाती थीं। झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए अब छोटे, आधुनिक और तेज़ एंबुलेंस नेटवर्क पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई जा सके।
उन्होंने कहा,
*"हमारी सोच है कि स्वास्थ्य सेवा अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि जनता के दरवाजे तक पहुंचे। सरकार जनता के दिल में बसती है और हमारा संकल्प है कि एंबुलेंस के अभाव में किसी भी मरीज की जान खतरे में न पड़े। समय पर उपचार हर नागरिक का अधिकार है और उसे सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।"*
*एक माह में पूरी होगी निविदा प्रक्रिया*
स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एंबुलेंस की खरीद, संचालन और निविदा प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष 690 एंबुलेंस की निविदा प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी की जाए, ताकि नई व्यवस्था जल्द से जल्द धरातल पर उतर सके।
*हर पंचायत तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा*
डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से विचार-विमर्श कर भविष्य में प्रत्येक पंचायत में एक छोटी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी कार्य किया जाएगा। इससे दूरस्थ गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल झारखंड की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन साबित होगी। इससे न केवल ग्रामीण और गरीब परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और विश्वसनीयता भी नई पहचान स्थापित करेगी।
Namkum, Ranchi | Jul 25, 2026