क्या अब प्रधानमंत्री की अपील केवल भाषणों तक सीमित रह गई है....???
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील की है। कुछ समय तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी इन बातों का पालन करते हुए सादगी का संदेश दिया।
लेकिन हाल के घटनाक्रमों में, जैसे दतिया में नामांकन दाखिल करने के दौरान बड़ी संख्या में चारपहिया वाहनों का काफिला देखने को मिला, ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अपने शीर्ष नेतृत्व की अपीलों का समान रूप से पालन नहीं करना चाहिए?
यदि पर्यावरण संरक्षण और सादगी का संदेश आम जनता के लिए है, तो उसका पालन राजनीतिक कार्यक्रमों में भी दिखाई देना चाहिए। जनता ऐसे उदाहरणों से ही प्रेरित होती है।
क्या आपको लगता है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रमों में अनावश्यक वाहनों के उपयोग को सीमित करना चाहिए? अपनी राय अवश्य दें।
Narendra Modi