
मोतिहारी पुलिस ने एक फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले दस दिनों से बापूधाम रेलवे स्टेशन (मोतिहारी) परिसर में वर्दी पहनकर ड्यूटी कर रहा था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार युवक की पहचान राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी शंभू राम के पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि पवन खुद भी नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुआ था।
पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि वह पहले महाराष्ट्र में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसकी मां की मुलाकात पताही निवासी हरेंद्र राम से हुई थी। हरेंद्र ने उसकी मां को भरोसा दिलाया कि उसके पटना सचिवालय में संपर्क हैं और वह सिपाही की नौकरी लगवा सकता है।
इस झांसे में आकर पवन की मां ने उसे घर बुला लिया। इसके बाद पवन अपनी बहन के साथ मुजफ्फरपुर में रहकर तैयारी करने लगा। कुछ समय बाद हरेंद्र राम उसे पटना ले गया, जहां उसकी मुलाकात बासुदेव राम और उसकी पत्नी से कराई गई।
यहां उससे सिपाही की नौकरी के लिए चार लाख रुपये की मांग की गई।पवन ने बताया कि उसने एक लाख रुपये फोन के माध्यम से और बाकी नकद राशि देकर कुल चार लाख रुपये का भुगतान किया था।
लगभग 15 दिन पहले उसे बताया गया कि उसकी नौकरी लग गई है और उसे मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी करने के लिए भेज दिया गया। इसके बाद वह प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आकर ड्यूटी करता और वापस लौट जाता था। पवन का कहना है कि उसे पूरा विश्वास हो गया था कि वह सच में पुलिसकर्मी बन चुका है। पुरे गांव में भी इसकी चर्चा होने लगी थी।