
आशा सहयोगिनियों का सरकार को अल्टीमेटम! मानदेय-बकाया भुगतान और अलवर पुलिस कार्रवाई पर फूटा गुस्सा, चेतावनी,मांगें नहीं मानीं तो पूरे राजस्थान में होगा महाआंदोलन
- सीता स्वामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री के नाम सीएमएचओ के माध्यम से सौंपे गए दो ज्ञापन, समय पर मानदेय, पोलियो ड्यूटी का बकाया भुगतान और अलवर घटना की निष्पक्ष जांच की उठी मांग
श्रीगंगानगर | विशेष रिपोर्ट
राजस्थान आशा सहयोगिनी स्वास्थ्य संघ (नारी शक्ति संघ, बीकानेर) ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष सीता स्वामी के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, राजस्थान सरकार के नाम श्रीगंगानगर के सीएमएचओ के माध्यम से दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि आशा सहयोगिनियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ऋतु श्रीवास्तव, नीतू गोयल, मनीषा तिवारी, परमिंदर, ममता रानी, सरोज, गीता सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि आशा कार्यकर्ता प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं, लेकिन उनके साथ लगातार उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
समय पर मानदेय नहीं मिलने से बढ़ी आर्थिक परेशानी
ज्ञापन में बताया गया कि आशा सहयोगिनियां गांव-गांव और शहरों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान सहित अनेक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में पूरी निष्ठा से सेवाएं देती हैं। इसके बावजूद उन्हें कई महीनों तक मानदेय का इंतजार करना पड़ता है। इससे उनके परिवारों के भरण-पोषण और दैनिक खर्चों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि आशा सहयोगिनियों का मासिक मानदेय प्रत्येक माह की 5 तारीख तक उनके खातों में जमा कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
पोलियो ड्यूटी और पुराने बकाया भुगतान की मांग
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल ही में संपन्न हुए पल्स पोलियो अभियान का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, पिछले वर्ष का लंबित बकाया भी आशा सहयोगिनियों को नहीं मिला है। संगठन ने नियमित क्लेम भुगतान और सभी लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की है।
अलवर घटना पर जताया रोष
दूसरे ज्ञापन में 9 जुलाई 2026 को अलवर मिनी सचिवालय में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनियों के साथ पुलिस द्वारा कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की गई। संगठन का आरोप है कि इस दौरान कई महिला कार्यकर्ता बेहोश हो गईं।
संघ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा प्रभावित आशा सहयोगिनियों को न्याय और उचित उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष सीता स्वामी का भावुक संबोधन
प्रदेश अध्यक्ष सीता स्वामी ने कहा,
"आशा सहयोगिनी केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की पहली प्रहरी हैं। हम दिन-रात माताओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन आज भी हमें समय पर हमारा मानदेय और मेहनत का सम्मान नहीं मिल रहा। हमारी मांगें किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि हमारे अधिकार और सम्मान की हैं। सरकार हमारी पीड़ा को समझे और जल्द सकारात्मक निर्णय ले, अन्यथा पूरे प्रदेश की आशा सहयोगिनियां लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी।"
ऋतु श्रीवास्तव ने भी सुनाई पीड़ा
ऋतु श्रीवास्तव ने कहा,
"जब भी स्वास्थ्य विभाग को हमारी जरूरत पड़ती है, आशा सहयोगिनियां सबसे पहले मैदान में उतरती हैं। महामारी हो, टीकाकरण हो या पोलियो अभियान—हमने हर जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई। लेकिन हमारी मेहनत का भुगतान महीनों तक अटका रहता है। यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि हमारे आत्मसम्मान का भी सवाल है। हम सरकार से संघर्ष नहीं, न्याय और सम्मान चाहते हैं। उम्मीद है कि हमारी आवाज़ सुनी जाएगी और हमारी वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा।"
सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान आशा सहयोगिनी स्वास्थ्य संघ ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते मानदेय, बकाया भुगतान, नियमित क्लेम और अलवर घटना में कार्रवाई सहित उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर की आशा सहयोगिनियां एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगी। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
#BreakingNews #AshaWorkers #Rajasthan #Sriganganagar #Honorarium #HealthDepartment #Alwar #AshaSahyogini #MahilaShakti #RajasthanNews #ViralNews #DucNewsRajasthan #HindiNews #LatestNews
Shree Ganganagar, Ganganagar | Jul 10, 2026