
पूरी घटना की जानकारी आज रविवार 9:00 बजे हरिकिशन राजपूत ने दी शिवपुरी जिले के गांव अहरबनपुर में सरपंच चंपालाल केवट और सचिव रामकुमार शर्मा की तानाशाही से ग्रामीण परेशान हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ चहेतों तक सीमित है, पात्र हितग्राही दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
सबसे गंभीर मामला 19 वर्षीय रंजीत लोधी का है। शाम 6-7 बजे सड़क हादसे के बाद सचिव ने रात 10 बजे संबल योजना से उसका नाम हटा दिया। नियमानुसार मृत्यु पर 4 लाख की मदद मिलती है, लेकिन जिंदा युवक को इलाज की सहायता की जगह योजना से बाहर कर दिया गया।
जब रिपोर्टर ने पड़ताल की तो सचिव रामकुमार शर्मा ने पल्ला झाड़ते हुए कहा, _"इन्होंने मुझे कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिए, इसलिए नाम हटाया।"_ वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि _"हमने कई बार सारे दस्तावेज सचिव को सौंपे, लेकिन जानबूझकर रसीद नहीं दी गई।"_
गांव में खौफ का माहौल है। आरोप है कि विरोध करने पर बांधकर पीटा जाता है।
एक तरफ क्षेत्रीय विधायक जी तपती धूप में हर पात्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जुटे हैं। उनकी साफ मंशा है कि कोई भी वंचित न रहे। मगर सरपंच-सचिव की मनमानी विधायक जी के प्रयासों पर पानी फेर रही है।
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से दोनों को