
रामनाम के रहस्य को जानो : समर्थगुरु सिद्धार्थ
श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के शिक्षा कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने धर्म नगरी कुरुक्षेत्र के गीता भवन में पधारे
डॉ. स्वामी चिदानंद ब्रह्मचारी जी ओडिशा से आत्मीय भेंट की।
आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम, मुरथल के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सान्निध्य में
विश्व में फैले नकारात्मक सोच को देखते हुए समर्थगुरु धारा और भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान ने मिलकर विश्व आत्म क्रांति अभियान शुरू किया है।
इसके अंतर्गत पाँच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं : 1.सहज योग 2.मिशन हेल्थ मैनेजमेंट 3.स्ट्रेस मैनेजमेंट 4.मिशन सतनाम 5.प्रज्ञाचार्य
सनातन धर्म के सुदृढ़ीकरण के लिए आगामी कदमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. स्वामी चिदानंद एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु, विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह इंटरनेशनल गीता मिशन के अध्यक्ष और शिशु अनंत आश्रम से जुड़े हुए हैं।
आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने उनका मां दुर्गा की लाल चुनरी
ओढ़ा कर स्वागत किया। समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी द्वारा रचित सिद्धार्थ गीता और मेंटल हेल्थ मैनेजमेंट ब्लिसफुल लिविंग द्वारा मेंटल हेल्थ मैनेजमेंटब्रोशर को भेंट किया ।
षडदर्शन साधु समाज के संगठन सचिव डॉ. प्रमोद कौशिक को भी समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी द्वारा रचित साहित्य द्वारा सम्मानित किया। IIYM संस्था के बारे में जानकारी दी।
आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने विशेष बताया कि तुम भी किसी कामिल मुर्शिद से जुड़ो, उससे रामनाम के रहस्य को जानो, उस सहस्रदल कमल के रहस्य को जानो और उससे अपना नाता जोड़ो। इस प्रकार तुम्हारे सारे भ्रम, तुम्हारे सारे भय विदा हो जाते हैं।