
नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 6 दिवसीय आवासीय इंडक्शन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न
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गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की ओर मजबूत कदम: 40 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का इंडक्शन प्रशिक्षण पूर्ण हुआ
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता कांस्बा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 6 दिवसीय आवासीय इंडक्शन प्रशिक्षण आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 19 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले की 40 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय योजनाओं, शासन की प्राथमिकताओं, सेवा प्रदायगी की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वित रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक दक्षता प्रदान करना था, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
प्रशिक्षण का शुभारंभ विभाग द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल के अनुसार किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी सेवाओं की मूल अवधारणा, महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाएं, पोषण अभियान, सक्षम आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, किशोरी बालिका कार्यक्रम, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE), पोषण ट्रैकर का उपयोग, समुदाय आधारित गतिविधियां, रिकॉर्ड संधारण, गृह भ्रमण, परिवार परामर्श, व्यवहार परिवर्तन संचार तथा विभागीय दायित्वों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण के दौरान विभागीय प्रशिक्षक श्री अरविंद मिश्रा एवं पर्यवेक्षक श्रीमती नीतू सोनी, श्रीमती संगीता सूर्यवंशी, सुश्री रजनी शर्मा तथा सुश्री नाहिद सुल्ताना द्वारा विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण को केवल कक्षागत व्याख्यान तक सीमित न रखते हुए प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर, गतिविधि आधारित शिक्षण, केस स्टडी एवं व्यवहारिक अभ्यास भी कराए गए। इससे प्रतिभागियों को अपने दायित्वों की गहन समझ विकसित करने में सहायता मिली।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों का सुनपुरा आंगनबाड़ी केंद्र, विदिशा ग्रामीण परियोजना का एक्सपोजर विजिट भी कराया गया। इस भ्रमण के दौरान नवनियुक्त कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्र पर संचालित दैनिक गतिविधियों, बच्चों के पोषण एवं प्री-स्कूल शिक्षा, वजन एवं ऊंचाई मापन, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार वितरण, समुदाय सहभागिता, मातृ समिति की भूमिका तथा केंद्र के समुचित संचालन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की। इस भ्रमण ने प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल की परिस्थितियों को समझने और प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को व्यवहार में लागू करने की प्रेरणा प्रदान की।
प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं बहुआयामी बनाने के लिए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के विशेषज्ञ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया। ई-गवर्नेंस मैनेजर श्री अमित अग्रवाल ने आधार पंजीयन, आधार अपडेट एवं आधार आधारित सेवाओं की प्रक्रिया तथा हितग्राहियों को मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त करने के लिए आधार संबंधी जानकारी का अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है।
पंजाब नेशनल बैंक कृषक प्रशिक्षण केंद्र के श्री अजय सिंह परिहार ने वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, बचत की आदत, बैंक खातों का महत्व तथा विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के श्री रवि चौकसे ने स्व-सहायता समूहों की भूमिका, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार के अवसर तथा विभागीय समन्वय के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांवों में महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती हैं।
जिला टीकाकरण अधिकारी श्री पंचोली ने नियमित टीकाकरण, मिशन इंद्रधनुष, दस्तक अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की आवश्यकता, पूर्ण टीकाकरण तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता के समन्वित प्रयासों की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
विभाग की ओर से श्रीमती रेनू सक्सेना ने विभागीय योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, अभिलेख संधारण, समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। वहीं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती कृतिका व्यास ने महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, कानूनी अधिकार, आपातकालीन सहायता, परामर्श सेवाएं तथा वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान लीड डेवलपमेंट मैनेजर द्वारा वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा बैंकिंग प्रणाली से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई। शिक्षा विभाग के जिला परियोजना प्रबंधक ने विद्यालयों में नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, समग्र शिक्षा अभियान तथा शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों पर प्रकाश डाला।
डॉ. समीर किरार एवं श्रीमती ज्योति (एड्स एवं क्षय रोग प्रबंधन विभाग) ने एचआईवी/एड्स एवं क्षय रोग के प्रति जागरूकता, संक्रमण से बचाव, प्रारंभिक पहचान, जांच एवं उपचार की जानकारी देते हुए समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विशेष बल दिया।
आईटीआई विदिशा की प्राचार्य सुश्री कविता रघुवंशी ने युवाओं एवं किशोरियों के लिए उपलब्ध व्यावसायिक एवं कौशल विकास पाठ्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण तथा प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी साझा की। आरसेटी (RSETI) विदिशा के श्री प्रशांत परिहार ने स्वरोजगार, उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण तथा स्वयं का रोजगार स्थापित करने की विभिन्न योजनाओं पर मार्गदर्शन दिया। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं प्रसंस्करण विभाग की श्रीमती किरण श्रीवास्तव ने खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, सुरक्षित भोजन, पोषण एवं खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए गए। सभी नवनियुक्त कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विभागीय योजनाओं को बेहतर ढंग से समझने और क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने का आत्मविश्वास प्राप्त हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली सभी 40 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण प्राप्त सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण सुधार, प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास, किशोरियों के सशक्तिकरण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। #vidisha