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नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 6 दिवसीय आवासीय इंडक्शन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न .. गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की ओर मजबूत कदम: 40 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का इंडक्शन प्रशिक्षण पूर्ण हुआ .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता कांस्बा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 6 दिवसीय आवासीय इंडक्शन प्रशिक्षण आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 19 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले की 40 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय योजनाओं, शासन की प्राथमिकताओं, सेवा प्रदायगी की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वित रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक दक्षता प्रदान करना था, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा सकें। प्रशिक्षण का शुभारंभ विभाग द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल के अनुसार किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी सेवाओं की मूल अवधारणा, महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाएं, पोषण अभियान, सक्षम आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, किशोरी बालिका कार्यक्रम, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE), पोषण ट्रैकर का उपयोग, समुदाय आधारित गतिविधियां, रिकॉर्ड संधारण, गृह भ्रमण, परिवार परामर्श, व्यवहार परिवर्तन संचार तथा विभागीय दायित्वों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान विभागीय प्रशिक्षक श्री अरविंद मिश्रा एवं पर्यवेक्षक श्रीमती नीतू सोनी, श्रीमती संगीता सूर्यवंशी, सुश्री रजनी शर्मा तथा सुश्री नाहिद सुल्ताना द्वारा विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण को केवल कक्षागत व्याख्यान तक सीमित न रखते हुए प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर, गतिविधि आधारित शिक्षण, केस स्टडी एवं व्यवहारिक अभ्यास भी कराए गए। इससे प्रतिभागियों को अपने दायित्वों की गहन समझ विकसित करने में सहायता मिली। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों का सुनपुरा आंगनबाड़ी केंद्र, विदिशा ग्रामीण परियोजना का एक्सपोजर विजिट भी कराया गया। इस भ्रमण के दौरान नवनियुक्त कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्र पर संचालित दैनिक गतिविधियों, बच्चों के पोषण एवं प्री-स्कूल शिक्षा, वजन एवं ऊंचाई मापन, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार वितरण, समुदाय सहभागिता, मातृ समिति की भूमिका तथा केंद्र के समुचित संचालन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की। इस भ्रमण ने प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल की परिस्थितियों को समझने और प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को व्यवहार में लागू करने की प्रेरणा प्रदान की। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं बहुआयामी बनाने के लिए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के विशेषज्ञ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया। ई-गवर्नेंस मैनेजर श्री अमित अग्रवाल ने आधार पंजीयन, आधार अपडेट एवं आधार आधारित सेवाओं की प्रक्रिया तथा हितग्राहियों को मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त करने के लिए आधार संबंधी जानकारी का अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है। पंजाब नेशनल बैंक कृषक प्रशिक्षण केंद्र के श्री अजय सिंह परिहार ने वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, बचत की आदत, बैंक खातों का महत्व तथा विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के श्री रवि चौकसे ने स्व-सहायता समूहों की भूमिका, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार के अवसर तथा विभागीय समन्वय के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांवों में महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी श्री पंचोली ने नियमित टीकाकरण, मिशन इंद्रधनुष, दस्तक अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की आवश्यकता, पूर्ण टीकाकरण तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता के समन्वित प्रयासों की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विभाग की ओर से श्रीमती रेनू सक्सेना ने विभागीय योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, अभिलेख संधारण, समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। वहीं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती कृतिका व्यास ने महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, कानूनी अधिकार, आपातकालीन सहायता, परामर्श सेवाएं तथा वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान लीड डेवलपमेंट मैनेजर द्वारा वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा बैंकिंग प्रणाली से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई। शिक्षा विभाग के जिला परियोजना प्रबंधक ने विद्यालयों में नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, समग्र शिक्षा अभियान तथा शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों पर प्रकाश डाला। डॉ. समीर किरार एवं श्रीमती ज्योति (एड्स एवं क्षय रोग प्रबंधन विभाग) ने एचआईवी/एड्स एवं क्षय रोग के प्रति जागरूकता, संक्रमण से बचाव, प्रारंभिक पहचान, जांच एवं उपचार की जानकारी देते हुए समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। आईटीआई विदिशा की प्राचार्य सुश्री कविता रघुवंशी ने युवाओं एवं किशोरियों के लिए उपलब्ध व्यावसायिक एवं कौशल विकास पाठ्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण तथा प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी साझा की। आरसेटी (RSETI) विदिशा के श्री प्रशांत परिहार ने स्वरोजगार, उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण तथा स्वयं का रोजगार स्थापित करने की विभिन्न योजनाओं पर मार्गदर्शन दिया। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं प्रसंस्करण विभाग की श्रीमती किरण श्रीवास्तव ने खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, सुरक्षित भोजन, पोषण एवं खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए गए। सभी नवनियुक्त कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विभागीय योजनाओं को बेहतर ढंग से समझने और क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने का आत्मविश्वास प्राप्त हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली सभी 40 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण प्राप्त सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण सुधार, प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास, किशोरियों के सशक्तिकरण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। #vidisha

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विदिशा में फसल बीमा जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी, 130 पंचायतों में पहुंचकर किसानों को करेंगे जागरूक 
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26 से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, अऋणी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस 
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किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा "फसल बीमा माह" के अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए रविवार को विदिशा से दो विशेष जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों, विशेष रूप से अऋणी किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाकर उन्हें फसल बीमा के लिए प्रेरित करना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितताओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

स्थानीय विधायक श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत सीईओ श्री ओ.पी. सनोडिया तथा उप संचालक कृषि श्री सचिन जैन ने संयुक्त रूप से रविवार को उप संचालक कृषि कार्यालय परिसर से दोनों प्रचार-प्रसार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है और प्रत्येक पात्र किसान को इसका लाभ लेना चाहिए।
जागरूकता अभियान के तहत दोनों रथ 26 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक जिले की लगभग 130 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे। आधुनिक ऑडियो-वीडियो उपकरणों से सुसज्जित इन रथों के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, बीमा कराने की समय-सीमा, प्रीमियम, दावा प्रक्रिया तथा योजना से मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से संदेश प्रसारित किए जाएंगे तथा पम्फलेट वितरित कर किसानों को जागरूक किया जाएगा।

कृषि विभाग ने बताया कि इस वर्ष अभियान में विशेष रूप से अऋणी किसानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि ऐसे कई किसान अभी भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान फसल बीमा कराकर अपनी मेहनत और फसल को प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि, ओलावृष्टि एवं अन्य जोखिमों से सुरक्षित कर सकें।

रथ रवाना कार्यक्रम में फसल बीमा कंपनी एसबीआई के जिला प्रतिनिधि श्री राघवेंद्र शर्मा एवं श्री देवेंद्र वर्मा, कृषि विभाग के जिला सलाहकार डॉ. डी.के. तिवारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विशाल यादव, आत्मा कार्यालय के ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक श्री प्रदीप मालवीय, श्री नरेंद्र रघुवंशी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला कृषकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जब यह जागरूकता रथ उनके गांव पहुंचे तो वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर योजना की जानकारी प्राप्त करें तथा निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपनी फसलों का बीमा कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य उठाएं। यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित कृषि व्यवस्था की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। #vidisha #JansamparkMP

विदिशा में फसल बीमा जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी, 130 पंचायतों में पहुंचकर किसानों को करेंगे जागरूक .. 26 से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, अऋणी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस .. किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा "फसल बीमा माह" के अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए रविवार को विदिशा से दो विशेष जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों, विशेष रूप से अऋणी किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाकर उन्हें फसल बीमा के लिए प्रेरित करना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितताओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। स्थानीय विधायक श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत सीईओ श्री ओ.पी. सनोडिया तथा उप संचालक कृषि श्री सचिन जैन ने संयुक्त रूप से रविवार को उप संचालक कृषि कार्यालय परिसर से दोनों प्रचार-प्रसार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है और प्रत्येक पात्र किसान को इसका लाभ लेना चाहिए। जागरूकता अभियान के तहत दोनों रथ 26 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक जिले की लगभग 130 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे। आधुनिक ऑडियो-वीडियो उपकरणों से सुसज्जित इन रथों के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, बीमा कराने की समय-सीमा, प्रीमियम, दावा प्रक्रिया तथा योजना से मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से संदेश प्रसारित किए जाएंगे तथा पम्फलेट वितरित कर किसानों को जागरूक किया जाएगा। कृषि विभाग ने बताया कि इस वर्ष अभियान में विशेष रूप से अऋणी किसानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि ऐसे कई किसान अभी भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान फसल बीमा कराकर अपनी मेहनत और फसल को प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि, ओलावृष्टि एवं अन्य जोखिमों से सुरक्षित कर सकें। रथ रवाना कार्यक्रम में फसल बीमा कंपनी एसबीआई के जिला प्रतिनिधि श्री राघवेंद्र शर्मा एवं श्री देवेंद्र वर्मा, कृषि विभाग के जिला सलाहकार डॉ. डी.के. तिवारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विशाल यादव, आत्मा कार्यालय के ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक श्री प्रदीप मालवीय, श्री नरेंद्र रघुवंशी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला कृषकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जब यह जागरूकता रथ उनके गांव पहुंचे तो वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर योजना की जानकारी प्राप्त करें तथा निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपनी फसलों का बीमा कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य उठाएं। यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित कृषि व्यवस्था की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। #vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 26, 2026

कारगिल विजय दिवस पर कन्या महाविद्यालय में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, एनसीसी कैडेट्स ने किया वृक्षारोपण 
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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में देश के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। 14 एमपी बटालियन एनसीसी, विदिशा के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अंशुभान सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया तथा कारगिल के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने कारगिल युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा से युवाओं को राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना की गौरवशाली विजय और वीर शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता हमारे वीर सैनिकों के अद्वितीय त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का भी संदेश दिया।

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार, नोडल अधिकारी डॉ. मलखान सिंह, प्रो. नीता दीक्षित, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर सभी एनसीसी कैडेट्स ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगौरव, देशभक्ति और शहीदों के प्रति कृतज्ञता के भाव के साथ हुआ। उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्रहित के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण किया जा सके। #vidisha #JansamparkMP

कारगिल विजय दिवस पर कन्या महाविद्यालय में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, एनसीसी कैडेट्स ने किया वृक्षारोपण .. कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में देश के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। 14 एमपी बटालियन एनसीसी, विदिशा के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अंशुभान सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया तथा कारगिल के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने कारगिल युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा से युवाओं को राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना की गौरवशाली विजय और वीर शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता हमारे वीर सैनिकों के अद्वितीय त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का भी संदेश दिया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार, नोडल अधिकारी डॉ. मलखान सिंह, प्रो. नीता दीक्षित, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर सभी एनसीसी कैडेट्स ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगौरव, देशभक्ति और शहीदों के प्रति कृतज्ञता के भाव के साथ हुआ। उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्रहित के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण किया जा सके। #vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 26, 2026

पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था और साइबर सुरक्षा का मिला प्रशिक्षण, सीआईएस एवं ई-कोर्ट सेवाओं की दी गई व्यवहारिक जानकारी 
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विदिशा द्वारा  प्रधान जिला न्यायाधीश एवं  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में शनिवार को एडीआर भवन के सभागार में पैरालीगल वालेंटियर्स के दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से सीआईएस (कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था, ई-कोर्ट सेवाओं तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें आमजन तक इन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ  प्रधान जिला न्यायाधीश एवं  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।  अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तेजी से डिजिटल स्वरूप ग्रहण कर रही है। ऐसे समय में पैरालीगल वालेंटियर्स की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि वालेंटियर्स डिजिटल न्यायिक सेवाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं तो न्याय को अधिक सुलभ, सरल और पारदर्शी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी वालेंटियर्स से तकनीकी रूप से दक्ष बनने और आम नागरिकों को न्यायिक सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने डिजिटल जस्टिस में पैरालीगल वालेंटियर्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समंस, ई-कोर्ट सेवाएं, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना वालेंटियर्स का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक बन रही है, जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला न्यायालय विदिशा के सिस्टम ऑफिसर श्री राजीव चतुर्वेदी एवं सिस्टम असिस्टेंट श्री ठाकुर दयालसिंह ने कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-कोर्ट मोबाइल एप एवं सिटीजन सर्विसेज पोर्टल का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को केस स्टेटस देखने, कॉज लिस्ट प्राप्त करने तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इस प्रदर्शन से पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल माध्यम से न्यायिक जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को इन सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला।

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में साइबर सेल विदिशा के आरक्षक श्री रूपेश कुमार एवं श्री शिवप्रताप सिंह ने साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी एवं वीपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, सुरक्षित पासवर्ड बनाने के तरीके, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डेटा प्राइवेसी तथा डिजिटल सतर्कता के महत्वपूर्ण पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स ने डिजिटल न्याय व्यवस्था एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा लोगों को डिजिटल न्यायिक सेवाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। #vidisha

पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था और साइबर सुरक्षा का मिला प्रशिक्षण, सीआईएस एवं ई-कोर्ट सेवाओं की दी गई व्यवहारिक जानकारी .. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विदिशा द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में शनिवार को एडीआर भवन के सभागार में पैरालीगल वालेंटियर्स के दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से सीआईएस (कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था, ई-कोर्ट सेवाओं तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें आमजन तक इन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तेजी से डिजिटल स्वरूप ग्रहण कर रही है। ऐसे समय में पैरालीगल वालेंटियर्स की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि वालेंटियर्स डिजिटल न्यायिक सेवाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं तो न्याय को अधिक सुलभ, सरल और पारदर्शी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी वालेंटियर्स से तकनीकी रूप से दक्ष बनने और आम नागरिकों को न्यायिक सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने डिजिटल जस्टिस में पैरालीगल वालेंटियर्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समंस, ई-कोर्ट सेवाएं, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना वालेंटियर्स का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक बन रही है, जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला न्यायालय विदिशा के सिस्टम ऑफिसर श्री राजीव चतुर्वेदी एवं सिस्टम असिस्टेंट श्री ठाकुर दयालसिंह ने कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-कोर्ट मोबाइल एप एवं सिटीजन सर्विसेज पोर्टल का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को केस स्टेटस देखने, कॉज लिस्ट प्राप्त करने तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इस प्रदर्शन से पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल माध्यम से न्यायिक जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को इन सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में साइबर सेल विदिशा के आरक्षक श्री रूपेश कुमार एवं श्री शिवप्रताप सिंह ने साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी एवं वीपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, सुरक्षित पासवर्ड बनाने के तरीके, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डेटा प्राइवेसी तथा डिजिटल सतर्कता के महत्वपूर्ण पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स ने डिजिटल न्याय व्यवस्था एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा लोगों को डिजिटल न्यायिक सेवाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की हरित पहल, एनसीसी कैडेट्स ने लगाए 150 पौधे 
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पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में शनिवार को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की एनसीसी यूनिट, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 150 पौधों का रोपण किया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी अधिकारी डॉ. राजकमल प्रजापति के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वनिता बाजपेई मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाली प्रेरणादायी पहल बताते हुए विद्यार्थियों से इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार जैन, डॉ. डी.पी.सी. नरवरिया, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. राजकुमार भीमटे, डॉ. प्रमोद सेन, डॉ. बृजेश साहू, श्रीमती श्वेता सोलंकी, डॉ. निमिषा वर्मा, सुश्री आकांक्षा अहिरवार, श्री संदीप त्रिपाठी एवं श्री अंकित दुबे सहित अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के लगभग 100 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए परिसर में छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

महाविद्यालय परिवार ने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़े रचनात्मक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करने का संकल्प व्यक्त किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम ने परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ किया। #vidisha #JansamparkMP

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की हरित पहल, एनसीसी कैडेट्स ने लगाए 150 पौधे .. पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में शनिवार को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की एनसीसी यूनिट, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 150 पौधों का रोपण किया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी अधिकारी डॉ. राजकमल प्रजापति के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वनिता बाजपेई मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाली प्रेरणादायी पहल बताते हुए विद्यार्थियों से इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार जैन, डॉ. डी.पी.सी. नरवरिया, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. राजकुमार भीमटे, डॉ. प्रमोद सेन, डॉ. बृजेश साहू, श्रीमती श्वेता सोलंकी, डॉ. निमिषा वर्मा, सुश्री आकांक्षा अहिरवार, श्री संदीप त्रिपाठी एवं श्री अंकित दुबे सहित अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के लगभग 100 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए परिसर में छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। महाविद्यालय परिवार ने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़े रचनात्मक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करने का संकल्प व्यक्त किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम ने परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ किया। #vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026

नशे से दूरी है जरूरी: नशा मुक्ति रैली में जनभागीदारी के साथ नशामुक्त समाज का संकल्प, शहर में निकली जागरूकता रैली
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कलेक्टर, एसपी ने नशा मुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई, नशे से दूर रहने का दिया संदेश
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के आह्वान एवं पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के अंतर्गत शनिवार को विदिशा के यातायात थाना परिसर से भव्य नशा मुक्त जन जागरूकता रैली का निकाली गई। उक्त रैली को कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली थाना यातायात से प्रारंभ होकर गुलाब वाटिका, बड़ा बाजार एवं माधवगंज होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, मीडियाकर्मियों व नागरिक बंधुओं ने सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया।
    
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि नशे के विरुद्ध समाज का प्रत्येक वर्ग सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है तथा जिलेभर में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे से किसी का कोई लाभ नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने तथा सभी नागरिकों से जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त विदिशा के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर कहीं भी कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों विक्रय अथवा सेवन करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
    
पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार के नशे से दूर रहने, गलत संगति से बचने तथा अपने मित्रों और परिवारजनों को भी जागरूक करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार अथवा सेवन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही नशे के विरुद्ध प्रभावी एवं स्थायी लड़ाई संभव है।

रेलवे स्टेशन पर दिलाई नशामुक्ति की शपथ -
    
रैली के समापन पर रेलवे स्टेशन, विदिशा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, नागरिकों एवं सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार एवं सेवन की जानकारी तत्काल पुलिस को देकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी, ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य गण, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक गण मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP #NashaMukti #NasheSeDooriHaiZaroori #DrugFreeIndia

नशे से दूरी है जरूरी: नशा मुक्ति रैली में जनभागीदारी के साथ नशामुक्त समाज का संकल्प, शहर में निकली जागरूकता रैली .. कलेक्टर, एसपी ने नशा मुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई, नशे से दूर रहने का दिया संदेश .. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के आह्वान एवं पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के अंतर्गत शनिवार को विदिशा के यातायात थाना परिसर से भव्य नशा मुक्त जन जागरूकता रैली का निकाली गई। उक्त रैली को कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली थाना यातायात से प्रारंभ होकर गुलाब वाटिका, बड़ा बाजार एवं माधवगंज होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, मीडियाकर्मियों व नागरिक बंधुओं ने सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि नशे के विरुद्ध समाज का प्रत्येक वर्ग सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है तथा जिलेभर में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे से किसी का कोई लाभ नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने तथा सभी नागरिकों से जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त विदिशा के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर कहीं भी कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों विक्रय अथवा सेवन करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार के नशे से दूर रहने, गलत संगति से बचने तथा अपने मित्रों और परिवारजनों को भी जागरूक करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार अथवा सेवन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही नशे के विरुद्ध प्रभावी एवं स्थायी लड़ाई संभव है। रेलवे स्टेशन पर दिलाई नशामुक्ति की शपथ - रैली के समापन पर रेलवे स्टेशन, विदिशा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, नागरिकों एवं सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार एवं सेवन की जानकारी तत्काल पुलिस को देकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी, ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य गण, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक गण मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP #NashaMukti #NasheSeDooriHaiZaroori #DrugFreeIndia

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026