भारत एक ऐसा देश है जहाँ पुलिस देर से आ सकती है, कोर्ट के फैसले देर से आ सकते हैं, ट्रेन और फ्लाइट देर से आ सकती हैं। लेकिन साल भर कड़ी मेहनत करके परीक्षा देने आने वाले बच्चों को यदि सिर्फ दो मिनट की भी देरी हो जाए, तो उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलती।"
यह मुद्दा आज लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में कुछ मिनट की देरी पर छात्रों को परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए, या नियम सभी के लिए समान होने चाहिए?