
पुरानी पेंशन की हुंकार से गूंजा कासगंज कलेक्ट्रेट, तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे शिक्षक-कर्मचारी
पेंशन बहाली की मांग को लेकर सैकड़ों कर्मचारियों ने निकाली तिरंगा यात्रा, प्रधानमंत्री के नाम अपर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
कासगंज। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत शिक्षक-कर्मचारियों का आक्रोश शुक्रवार को कासगंज कलेक्ट्रेट में खुलकर सामने आया। अटेवा के बैनर तले जिलेभर से जुटे सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर जोरदार तिरंगा यात्रा निकाली, कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आवाज बुलंद करते हुए प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।
कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारियों के पहुंचने से माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया। तिरंगा यात्रा के दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन बेहद जरूरी है। नई पेंशन व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष है और इसी कारण अटेवा के नेतृत्व में लगातार आंदोलन किया जा रहा है।
बुढ़ापे की लाठी है पुरानी पेंशन
सभा को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा से सरकार और जनता की सेवा करते हैं, ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनके भविष्य को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। पुरानी पेंशन को कर्मचारियों ने अपने बुढ़ापे की लाठी बताते हुए सरकार से शीघ्र बहाली की मांग की।
अटेवा जिलाध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों की आर्थिक मांग नहीं, बल्कि उनके भविष्य की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। लंबे समय से शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, संगठन अपने संघर्ष को आगे भी जारी रखेगा।
तिरंगे के साथ बुलंद हुई पुरानी पेंशन की आवाज
शुक्रवार को निकाली गई तिरंगा यात्रा में शिक्षक-कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान पुरानी पेंशन बहाली को लेकर नारे लगाए गए। इसके बाद कर्मचारियों ने अपर जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया।
कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और उनका भविष्य सुरक्षित होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से कर्मचारियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
कार्यक्रम में पंचायत राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए। अटेवा के जिलाध्यक्ष योगेश यादव के साथ रतन प्रकाश, दिलीप यादव, राधा प्यारी, रावत सुमन, कुरील विनीता यादव, सुनीता शाक्य, मनोज कुमार, संजय कुमार, जितेंद्र पाल, संजीव कुमार, गजेंद्र सिंह, त्रिवेंद्र सिंह, रामनारायण, मो. समी, फुरकान अली, उमेश दीक्षित, देवेंद्र कुमार, दीपक दीक्षित, आमोद बघेल, जरनैल सिंह, राकेश कुमार, मेघ सिंह, सत्य नारायण, प्रदीप यादव, बैनीराम, सुरेंद्र सिंह, रंजीत कुमार, विशाल चरन, कमलेश कुमार, राजेश कुमार, सुशील कुमार, कमल सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
शिक्षक-कर्मचारियों की इस तिरंगा यात्रा ने एक बार फिर पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को प्रमुखता से सामने ला दिया है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार की ओर से उनकी वर्षों पुरानी मांग पर होने वाले निर्णय पर टिकी है।