
लाखों रुपये की फीस देकर पछताए अभिभावक, बीच सत्र में शिक्षक छोड़ गए इंस्टीट्यूट
मोटी फीस वसूलने के बाद छात्रों को बीच मझधार में छोड़ भागे शिक्षक
कैथल, 20 जून। नीट जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के भविष्य को उन्हीं के शिक्षकों ने मुनाफा कमाने के लिए दांव पर लगाया है। कैथल के ढांड रोड स्थित 'जेनेसिस' इंस्टीट्यूट का अधिकतर स्टाफ संस्थान को बीच मझधार में छोड़कर करनाल रोड स्थित 'आकाश' इंस्टीट्यूट में शामिल हो गया है। इस घटना के बाद से छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी रोष है। नाम न छापने की शर्त में कुछ अभिभावकों ने बताया कि ये शिक्षण संस्थान बच्चों के भविष्य को संवारने का सपना दिखाकर लाखों रुपये की मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन जब छात्रों को सबसे ज्यादा मार्गदर्शन और सहयोग की आवश्यकता होती है, तो इन संस्थान के शिक्षक अपने स्वार्थ के चलते छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से पीछे नहीं हटते। ढांड रोड स्थित जेनेसिस इंस्टीट्यूट के स्टाफ का अचानक संस्थान छोड़कर प्रतिस्पर्धी इंस्टीट्यूट में जाना इसी का प्रमाण है। शनिवार सुबह से ही ढांड रोड स्थित इंस्टीट्यूट के बाहर अभिभावकों और छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा की तैयारियों के बीच शिक्षकों का अचानक संस्थान छोड़ना बच्चों की मानसिक स्थिति और पढ़ाई पर गहरा असर डाल रहा है। अभिभावकों ने चिंता जताई कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब उनके बच्चे बीच सत्र में कहाँ जाएं? अभिभावकों का स्पष्ट आरोप है कि इन संस्थानों को बच्चों के भविष्य की रत्ती भर भी परवाह नहीं है, वे केवल अपना मुनाफा और निजी स्वार्थ देख रहे हैं। ऐन मौके पर शिक्षकों के बदलने से न केवल छात्रों का फ्लो टूटा है, बल्कि नया माहौल तालमेल बिठाने में भी बड़ी चुनौती बन गया है। वर्तमान में, छात्र और उनके परिजन यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे आगे किस इंस्टीट्यूट पर भरोसा करें या अपनी पढ़ाई को कैसे जारी रखें। इस मामले ने स्थानीय शिक्षा माफिया की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं इस मामले में इंस्टीटयूट के संचालक ने कुछ भी अपना पक्ष नहीं रखा।