
उपायुक्त ने दयालु-2 योजना के तहत आयोजित बैठक की करी अध्यक्षता
चिकित्सा अधिकारी को दिए निर्देश, मामलों की सत्यापन रिपोर्ट तय समय में करे तैयार
योजना का उद्देश्य पीड़ित को जल्द से जल्द मिले आर्थिक सहायता
पंचकूला, 28 जुलाई- उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) की समिति के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित हुई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्घारित मामलों की प्रमाणिता की समय पर जांच हो ताकि पीडित को सरकार की जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।
बैठक में जिला सांख्यिकीय अधिकारी व सदस्य सचिव श्री सुनील कुमार जाखड़ ने उपायुक्त को दयालु-2 योजना के तहत मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उपायुक्त ने समिति द्वारा प्रस्तुत 12 दयालु-2 केसों की समीक्षा की। इन मामलों में समिति द्वारा पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, चिकित्सा रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण करते हुए 7 मामलों पर योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को मुआवजा राशि स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त 4 मामलों में चिकित्सा सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई थी। उपायुक्त ने चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि शीघ्रता से इनकी सत्यापन रिपोर्ट तैयार करें ताकि इन सभी प्रार्थियों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि प्रदान की जा सके।
जिला सांख्यिकीय अधिकारी ने बताया गया कि हरियाणा सरकार द्वारा ‘दयालु-2’ योजना के तहत दुर्घटना में घायल या मृत व्यक्तियों के परिजनों को 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।योजना के तहत, किसी दुर्घटना, आवारा या पालतू पशु से टक्कर के कारण मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में 12 वर्ष तक की आयु के पीड़ितों को 1 लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक 2 लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक 3 लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक 5 लाख रुपये तथा 45 से 60 वर्ष तक की आयु के व्यक्तियों को 3 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा, कुत्ते के काटने की स्थिति में एक दांत के निशान पर 10 हजार रुपये तथा दो दांत के निशान पर 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। दुर्घटना में मामूली चोट लगने पर भी 10 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
उपायुक्त ने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुत्ते के काटने अथवा अन्य चोटों से संबंधित मामलों में चिकित्सा रिपोर्ट तैयार करते समय चोट की गंभीरता, काटने वाले दांतों की संख्या तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय विवरण स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएं ताकि पूर्ण एवं सटीक चिकित्सा रिपोर्ट उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से मुआवजा प्रदान किया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए दयालु-2 योजना के अंतर्गत प्राप्त दावों का गंभीरता व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय व जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इस अवसर पर एसडीएम श्री चंद्रकांत कटारिया,एसडीएम कालका, वन विभाग के रीजनल अधिकारी विशाल कौशिक,
डीडीपीओ विशाल पराशर, आरटीए सदस्य सचिव, , बी एंड आर के कार्यकारी अभियंता, पीएमडीए, एनएचएआई, नगर निगम पंचकूला व कालका के सीएसआई सहित अन्य संबंधित अधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद थे।