
एमकेसी कंपनी की मनमानी, बिना अनुमति जगह-जगह खोदे गहरे गड्ढे; अवैध मिट्टी उत्खनन से हादसे का खतरा, राजस्व को भी नुकसान
निवारी | संवाददाता
सागर-कानपुर नेशनल हाईवे के फोरलेन निर्माण में लगी एमकेसी कंपनी पर नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर मिट्टी उत्खनन करने के आरोप लगे हैं। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत निवारी के आसपास शासकीय और किसानों की जमीन से गहरे गड्ढे खोदकर हजारों ट्रॉली मिट्टी निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद खनिज विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कंपनी ने आसपास के दलालों के माध्यम से कई स्थानों पर 15 से 20 फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए हैं। जबकि खनिज नियमों के तहत सीमित गहराई तक ही मिट्टी उत्खनन की अनुमति होती है। आरोप है कि उत्खनन के बाद गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है और वहां न तो सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
बरसात में बढ़ा हादसे का खतरा
लगातार बारिश के कारण इन गहरे गड्ढों में पानी भर रहा है। ऐसे में उनकी वास्तविक गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे राहगीरों, मवेशियों और ग्रामीणों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। मिट्टी धंसने की आशंका भी बनी हुई है।
उपजाऊ खेत हुए बर्बाद
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों के खेतों से उपजाऊ मिट्टी निकालकर जमीन को गहरे गड्ढों में बदल दिया गया है। इससे कृषि भूमि की उत्पादकता प्रभावित होने के साथ भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो सकता है।
ओवरलोड डंपरों से सड़क भी टूटी
ग्रामीणों ने बताया कि दिन-रात एलएनटी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर ओवरलोड डंपरों के जरिए परिवहन किया जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से निवारी-कलानी मार्ग की डामर सड़क भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है।
खनिज विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद खनिज विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लग रही और शासन को राजस्व की हानि हो रही है।
पक्ष जानने का प्रयास
मामले में खनिज अधिकारी से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।