
सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन
1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी (संबंधित सीटू)
कुल्लू टुडे न्यूज़
झाकड़ी, 7 अगस्त 2026
मजदूरों की एकता से हासिल हुईं महत्वपूर्ण मांगें
नाथपा झाकड़ी में गेट मीटिंग आयोजित
सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी (संबंधित सीटू) के तत्वावधान में आज झाकड़ी में ठेका मजदूरों ने गेट मीटिंग का आयोजन किया। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन अध्यक्ष राजकुमार, उपाध्यक्ष गुरदास तथा महासचिव कामराज ने कहा कि आज का दिन मजदूरों की एकता के बलबूते अपनी मांगों को हासिल करने का ऐतिहासिक दिन है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों ने अपना मांगपत्र ऐसे समय में सौंपा था जब केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मजदूरों को गुलाम बनाने वाले लेबर कोड के नियम 8 मई को अधिसूचित किए गए थे। ये नियम मजदूरों की सामूहिक सौदेबाजी की ताकत और यूनियनों की शक्ति को कमजोर करते हैं। दूसरी ओर, नाथपा झाकड़ी में प्रबंधन द्वारा कुछ लोगों को अतिरिक्त लाभ देकर मजदूरों की एकता तोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। लेकिन इन सबके बावजूद मजदूरों की एकता और संघर्ष की समझ को कमजोर नहीं किया जा सका। मजदूर मजबूती से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते रहे, जिसके कारण प्रबंधन को मजदूरों की मांगें माननी पड़ीं।
यूनियन द्वारा ठेका मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के साथ कई दौर की वार्ताएं की गईं। इन वार्ताओं में 6 अगस्त को महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
**मांगपत्र एवं आंदोलन का संक्षिप्त विवरण**
23 मार्च 2026 को यूनियन ने प्रबंधन को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। इसमें ग्रेच्युटी भुगतान, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण, पदोन्नति नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, वर्दी भत्ता, बोनस, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल अलाउंस एवं धुलाई भत्ता शामिल थे।
प्रबंधन द्वारा सकारात्मक कदम न उठाने पर यूनियन ने 17 जून से लंच टाइम पर रोष प्रदर्शन शुरू किया और आंदोलन को आगे बढ़ाया। 23 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया गया था, परंतु सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ के हस्तक्षेप से 21 जुलाई को चंडीगढ़ में समझौता वार्ता हुई, जो बेनतीजा रही। इसके बाद यूनियन ने 6 अगस्त को हड़ताल का निर्णय लिया। प्रबंधन के अनुरोध पर केंद्रीय श्रम विभाग के हस्तक्षेप से सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ द्वारा 6 अगस्त को चंडीगढ़ में समझौता वार्ता आयोजित की गई।
**समझौते के मुख्य बिंदु**
श्रम एवं समझौता अधिकारी की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
- संविदा कर्मचारियों का वर्दी भत्ता 7200 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 8500 रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा। यह 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
- धुलाई भत्ता 120 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति माह किया जाएगा।
- 21000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा। यह प्रावधान 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
- कार्य की प्रकृति के आधार पर कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण हेतु समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। सामग्री प्रबंधन समूह एवं हार्ड कोटिंग सुविधा के 20 श्रमिकों के ट्रेड आपसी सहमति से संशोधित किए जाएंगे, जो 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगे।
- शेष मांगों पर प्रबंधन विचार करेगा।
यूनियन प्रबंधन से अपेक्षा करती है कि शेष मांगों, विशेषकर ग्रेच्युटी एवं कार्य की प्रकृति के अनुसार पद-वेतन निर्धारण पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए ।
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