
सोशल मीडिया बनी सहारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ बुजुर्ग पहुँचे अपने परिवार के पास
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बुहाना। मानव सेवा के क्षेत्र में कार्यरत श्री श्याम मानव सेवा संस्थान, बुहाना ने एक बार फिर मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक मानसिक रूप से अस्वस्थ बुजुर्ग को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया।
कुछ माह पूर्व बुहाना स्थित सनराइज स्कूल के पीछे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं असहाय बुजुर्ग मिले थे। सूचना मिलने पर संस्थान की टीम उन्हें पूरे सम्मान के साथ संस्थान लेकर आई, जहाँ उनके रहने, भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य आवश्यक देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई। साथ ही उनकी पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनका वीडियो एवं फोटो सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो को देखने के बाद बुजुर्ग के परिजनों ने संस्थान से दूरभाष पर संपर्क कर बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे बुजुर्ग उनके परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने जानकारी दी कि उनका वास्तविक नाम श्री लीलाधर है तथा वे ग्राम पंचायत दोचाना, जिला महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के स्थायी निवासी हैं। इसके उपरांत उनके नाती श्री विकास कुमार, पुत्र श्री चंद्रभान, निवासी ग्राम पंचायत दोचाना, जिला महेंद्रगढ़ (हरियाणा), संस्थान पहुँचे। संस्थान की निर्धारित सुपुर्दगी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बाबा को सकुशल उनके सुपुर्द किया गया, जो उन्हें अपने साथ घर ले गए।
परिजनों ने बताया कि श्री लीलाधर मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण पहले भी कई बार बिना बताए घर से निकल जाते थे तथा कई-कई महीनों तक वापस नहीं लौटते थे, जिससे परिवार उनकी लगातार तलाश करता रहता था। इस बार भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के माध्यम से ही उन्हें बाबा के बारे में जानकारी मिली।
परिवारजनों ने संस्थान द्वारा की गई सेवा, सुरक्षित देखभाल एवं सकुशल परिवार से मिलाने के इस मानवीय कार्य के लिए संस्थान परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर संस्थान निदेशक डॉ. संदीप कुमार, साक्षी के रूप में समाजसेवी श्री योगेन्द्रपाल यादव, श्री विकास कुमार तथा संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
संस्थान निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि श्री श्याम मानव सेवा संस्थान का उद्देश्य केवल असहाय, दिव्यांग एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों की सेवा करना ही नहीं, बल्कि जहाँ भी संभव हो, उन्हें उनके परिवार से पुनः मिलाकर सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक घर पहुँचाना भी है।