
रंग लायी जर्जर सड़कों के मुद्दे पर सुभासपा नेता प्रमोद चौधरी की पहलः प्रशासन ने कार्रवाई के लिए दिया निर्देश
बस्ती। सल्टौआ गोपालपुर विकासखण्ड क्षेत्र में जर्जर संपर्क मार्गों के निर्माण और पुनर्निर्माण की मांग को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार चौधरी की ओर से उठाई गई आवाज का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखाई देने लगा है। ग्राम गोविंदापुर से ग्राम जाता कर्मा तथा बस्ती-डुमरियागंज मुख्य मार्ग से महुआ डाबर को जोड़ने वाले जर्जर संपर्क मार्गों के निर्माण को लेकर सौंपे गए ज्ञापन पर उपजिलाधिकारी भानपुर कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रमोद कुमार चौधरी ने 22 सितंबर 2026 को उपजिलाधिकारी भानपुर को ज्ञापन सौंपकर दोनों जर्जर मार्गों के शीघ्र निर्माणध्पुनर्निर्माण की मांग की थी। ज्ञापन में बताया गया था कि मार्ग लंबे समय से खराब हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में शुरू कराने की मांग की गई थी। मामले में उपजिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए उल्लेख किया गया है कि ज्ञापन में 30 दिवस के भीतर सड़क निर्माण/ पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाने की मांग की गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित स्तर पर प्रकरण का निराकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर कराने तथा की गई कार्रवाई से प्रमोद कुमार चौधरी को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक पत्र में संबंधित अधिकारियों को प्रकरण पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहे प्रयासों को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। सुभासपा नेता प्रमोद कुमार चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से जर्जर सड़कों की समस्या झेल रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के बाद प्रशासन द्वारा प्रकरण को संज्ञान में लेकर कार्रवाई के निर्देश देना सकारात्मक कदम है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित कार्य योजना में इन सड़कों को शामिल कर धरातल पर निर्माण कार्य कब शुरू कराया जाता है। प्रमोद चौधरी ने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र की जनता की बुनियादी समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से रखना है और सड़क निर्माण होने तक इस मुद्दे को उठाया जाता रहेगा।
Basti, Basti | Oct 3, 2026