#हाल_ए_भरतपुर_के_निर्माण_कार्य..
भरतपुर। शहर में बीडीए और प्रशासनिक दावों की पोल खोलती एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां विकास कार्यों के नाम पर जनता के टैक्स के पैसे का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला है। मुखर्जी नगर में नाले में चल रहे एक निर्माण कार्य के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा ट्रैक्टर चालित दो बड़े पंपिंग सेट लगाए गए हैं। इन पंपों का मुख्य उद्देश्य निर्माण होने वाले नाले में जमा गंदे पानी को खींचकर दूसरे नाले में डालना है, लेकिन विचित्र स्थिति यह है कि इन पंपों द्वारा निकाले जा रहे पानी को आगे जिस नाली में डाला जा रहा है, वह नाली खुद पूरी तरह से अवरुद्ध है। नाली बंद होने के कारण पंपों द्वारा फेंका गया पानी आगे बढ़ने के बजाय वापस उसी नाले और सड़क की तरफ लौट रहा है, जहां से उसे निकाला जा रहा था। इस तरह यह पूरी प्रक्रिया महक एक औपचारिकता बनकर रह गई है, जहां पानी को एक जगह से उठाकर दूसरी जगह फेंका जा रहा है और वह पानी दोबारा घूमकर उसी जगह पर जमा हो रहा है। गंदे पानी के बीच से होकर दोपहिया वाहन चालक, साइकिल सवार और राहगीर जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई और खानापूर्ति में लगा हुआ है। लोगों ने मांग की है कि इस अव्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और नालियों की ब्लॉकेज खोलकर पानी की सही निकासी सुनिश्चित की जाए।
Bharatpur, Bharatpur | Jul 12, 2026