
जो एम्बुलेंसें खुद 'वेंटिलेटर' पर हैं, वे मरीजों की जान क्या बचाएंगी? उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। रुद्रप्रयाग जनपद में संचालित 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की खस्ताहाल स्थिति और उसमें कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक एवं आर्थिक शोषण को लेकर युवा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मोहित डिमरी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। मोहित डिमरी ने कहा कि पहाड़ की संकरी, दुर्गम और जोखिम भरी सड़कों पर जहां एम्बुलेंसों को हर मौसम और हर परिस्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए दौड़ना पड़ता है, वहीं सरकार ने इन जीवनदायिनी वाहनों को उनकी बदहाल स्थिति में छोड़ दिया है। कई एम्बुलेंसों के आगे और पीछे के हिस्से क्षतिग्रस्त हैं, वाहन जर्जर हो चुके हैं और उनकी स्थिति किसी कबाड़ से कम नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वयं एम्बुलेंसें ही बदहाल हैं, तो वे गंभीर मरीजों की जान कैसे बचा पाएंगी? युवा नेता ने 108 सेवा में कार्यरत ड्राइवरों और फार्मासिस्टों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी दिन-रात, बारिश, बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य विषम परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। वर्तमान महंगाई के दौर में इस आय से परिवार का भरण-पोषण तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस संचालन से जुड़ी कंपनियां और संबंधित विभाग कर्मचारियों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मोहित डिमरी ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि तत्काल जर्जर एम्बुलेंसों को बदला जाए, सेवाओं को आधुनिक बनाया जाए तथा ड्राइवरों और फार्मासिस्टों को सम्मानजनक मानदेय और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो जनता के हित में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। #108एम्बुलेंस #स्वास्थ्यव्यवस्था #रुद्रप्रयाग #उत्तराखंड #मोहितडिमरी #जनहित #HealthServices #Uttarakhand
Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 18, 2026

सर्पदंश से 5 वर्षीय बच्ची की मौत मामले में अमरपुर रेफरल अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप अमरपुर (बांका)। अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कामदेवपुर गांव निवासी राजेश दास की 5 वर्षीय पुत्री ज्योति कुमारी की सर्पदंश के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अमरपुर रेफरल अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को जहरीले सांप के काटने के बाद बच्ची को इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लाया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई। बताया जाता है कि भागलपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही बच्ची की मौत हो गई। मायागंज अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के मुखिया नरोत्तम तिवारी सहित परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि अमरपुर रेफरल अस्पताल में समय रहते समुचित इलाज मिलता तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। हालांकि, इस संबंध में अमरपुर रेफरल अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। #अमरपुर #बांका #सर्पदंश #ज्योतिकुमारी #अमरपुररेफरलअस्पताल #स्वास्थ्यव्यवस्था #बांकान्यूज #Bhagalpur #MayaganjHospital #BankaNews
Amarpur, Banka | Jun 14, 2026
शहडोल में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल, निपनिया अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं#शहडोल #मध्यप्रदेश #स्वास्थ्यव्यवस्था #सरकारीअस...
Madhya Pradesh, India | Mar 17, 2026