#राजकीय दौरा या #विदेश #घूमना
*टैक्स हमारा, टूर आपका? अब नहीं चलेगा*
6 जुलाई को जहाज़ उड़ेगा इंडोनेशिया। फिर ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड। सांस लेते ही 23 जुलाई को फिर UK और मालदीव।
नाम ‘राजकीय दौरा’, काम ‘वर्ल्ड टूर’।
जनता पसीना बहाकर टैक्स देती है। राशन, दूध, तेल, सब्जी — हर चीज़ पर GST। और वो टैक्स जाता कहाँ है? Air India One के फ्यूल में। फाइव-स्टार होटल के सूट में। विदेशी डिनर की प्लेट में।
10 साल में दौरों पर 1500 करोड़ से ज्यादा स्वाहा। रिजल्ट? MOU की फाइलें और फोटो सेशन। नौकरी? ज़ीरो। महंगाई? डबल। किसान की आय? वहीं की वहीं।
*मेरा वाला पंच सीधा और साफ है:*
_दुनिया देखनी है तो सूती कुर्ता पहनो, हाथ में झोला लो, और पैदल निकल जाओ। एक नया पैसा भी जनता की जेब से नहीं निकलना चाहिए।_
सादगी से इज्जत बनती है साहब, सरकारी खर्चे से नहीं। गांधी ने आधी धोती में दुनिया हिला दी थी। आज पूरा हवाई जहाज़ लेकर भी धेला भर इज्जत नहीं कमा पा रहे।
बहुत हो गया ‘ऐतिहासिक दौरा’ का ड्रामा। अब या तो हर दौरे का पाई-पाई का हिसाब दो, या घर बैठो। जनता का पैसा है, तुम्हारे बाप का नहीं।
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Pipariya, Hoshangabad | Jun 23, 2026