अखण्ड #अष्टयाम संकीर्तन में 24 घंटे यानी आठों पहर के अलग-अलग #रागों का समन्वय आध्यात्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। लोक #संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक कीर्तन #गायकी में शुद्धता और शालीनता की जो मिठास होनी चाहिए, वह #आधुनिक दौर के नवोदित #कलाकारों की गायकी में कम ही देखने को मिल रही है। अष्टयाम गायकी में भी अब अपसंस्कृति अथवा #आर्केस्ट्रा मॉडल की झलक आने लगी है।
पत्रकार मनोज कुमार सिंह के साथ बातचीत में #मांझी के प्रसिद्ध कीर्तन गायक वरुण कुमार त्रिवेदी उर्फ लाल बाबा ने कीर्तन गायकी के चार दशक के स्वरूप की चर्चा की। #Manjhi #saran #chaprabihar #kirtan #vairalreels #vairalreelsfb #vairalpost #explore
Manjhi, Saran | Jun 11, 2026