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ಸ್ಪರ್ಧಾತ್ಮಕ ಪರೀಕ್ಷಾ ಅಕ್ರಮ ತಡೆಗೆ ಸಮಿತಿ ನೇಮಕ #CMDKShivakumar #VidhanaSoudha #Transparency #SVRanganath

ಸ್ಪರ್ಧಾತ್ಮಕ ಪರೀಕ್ಷಾ ಅಕ್ರಮ ತಡೆಗೆ ಸಮಿತಿ ನೇಮಕ #CMDKShivakumar #VidhanaSoudha #Transparency #SVRanganath

Saraswati Vihar, North West Delhi | Aug 1, 2026

भुंतर सब्जी मंडी में LIVE कवरेज रुकवाने पर उठे सवाल, आखिर पारदर्शिता से किसे ऐतराज?

भुंतर, 29 जुलाई। भुंतर सब्जी मंडी में बुधवार सुबह सेब, नाशपाती सहित अन्य फल एवं सब्जियों की बोली प्रक्रिया के दौरान डिजिटल मीडिया द्वारा की जा रही लाइव वीडियो कवरेज को कथित तौर पर बीच में रुकवा दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, लाइव कवरेज कर रहे मीडिया प्रतिनिधि प्रेस क्लब भुंतर के सदस्य भी हैं। घटना के बाद मंडी में होने वाली बोली प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर किसानों, बागवानों और व्यापारियों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंडी में फल एवं सब्जियों की बोली प्रक्रिया का लाइव प्रसारण किया जा रहा था, ताकि किसानों, बागवानों और आम लोगों तक मंडी के ताजा भाव और बोली की प्रक्रिया सीधे पहुंच सके। इसी दौरान कथित तौर पर बोलीकर्ता द्वारा लाइव प्रसारण बंद करवाने का प्रयास किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लाइव कवरेज को रोकने की स्थिति दिखाई देती है।

हालांकि, लाइव प्रसारण रुकवाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किस आधार पर आपत्ति जताई गई, इसका जवाब संबंधित व्यक्ति ही बेहतर तरीके से दे सकता है। इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि मंडी में होने वाली बोली प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संचालित होती है, तो उसकी लाइव कवरेज या रेट सार्वजनिक होने से किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? आखिर ऐसी कौन-सी वजह थी कि लाइव प्रसारण को रोकने की जरूरत महसूस की गई?

किसान और बागवान पूरे वर्ष दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल मंडी तक पहुंचाते हैं। दूसरी ओर खरीददार भी अपनी मेहनत की कमाई से फल एवं सब्जियों की खरीद करते हैं। ऐसे में बोली प्रक्रिया का पूरी तरह पारदर्शी होना सभी पक्षों के हित में है। मंडी के वास्तविक भाव और बोली प्रक्रिया की जानकारी समय पर सार्वजनिक होने से किसानों को सही बाजार मूल्य का अंदाजा मिलता है और मंडी व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है।

डिजिटल मीडिया की भूमिका भी इसी पारदर्शिता को लोगों तक पहुंचाने की है। ऐसे में प्रेस क्लब भुंतर के सदस्य मीडिया प्रतिनिधि की लाइव कवरेज को कथित रूप से रुकवाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सब कुछ नियमों और पारदर्शिता के साथ हो रहा है, तो कैमरे से परहेज करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मंडी प्रशासन और संबंधित पक्ष इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देते हैं तथा भविष्य में मंडी की बोली प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

#Bhuntar #BhuntarSabziMandi #Kullu #HimachalPradesh #AppleAuction #SabziMandi #Transparency #LiveCoverage #PressClubBhuntar #Kisan #Bagwan #AppleRate #FruitMarket #DigitalMedia #SatrangiChannel #KulluNews #BreakingNews

भुंतर सब्जी मंडी में LIVE कवरेज रुकवाने पर उठे सवाल, आखिर पारदर्शिता से किसे ऐतराज? भुंतर, 29 जुलाई। भुंतर सब्जी मंडी में बुधवार सुबह सेब, नाशपाती सहित अन्य फल एवं सब्जियों की बोली प्रक्रिया के दौरान डिजिटल मीडिया द्वारा की जा रही लाइव वीडियो कवरेज को कथित तौर पर बीच में रुकवा दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, लाइव कवरेज कर रहे मीडिया प्रतिनिधि प्रेस क्लब भुंतर के सदस्य भी हैं। घटना के बाद मंडी में होने वाली बोली प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर किसानों, बागवानों और व्यापारियों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंडी में फल एवं सब्जियों की बोली प्रक्रिया का लाइव प्रसारण किया जा रहा था, ताकि किसानों, बागवानों और आम लोगों तक मंडी के ताजा भाव और बोली की प्रक्रिया सीधे पहुंच सके। इसी दौरान कथित तौर पर बोलीकर्ता द्वारा लाइव प्रसारण बंद करवाने का प्रयास किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लाइव कवरेज को रोकने की स्थिति दिखाई देती है। हालांकि, लाइव प्रसारण रुकवाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किस आधार पर आपत्ति जताई गई, इसका जवाब संबंधित व्यक्ति ही बेहतर तरीके से दे सकता है। इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि मंडी में होने वाली बोली प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संचालित होती है, तो उसकी लाइव कवरेज या रेट सार्वजनिक होने से किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? आखिर ऐसी कौन-सी वजह थी कि लाइव प्रसारण को रोकने की जरूरत महसूस की गई? किसान और बागवान पूरे वर्ष दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल मंडी तक पहुंचाते हैं। दूसरी ओर खरीददार भी अपनी मेहनत की कमाई से फल एवं सब्जियों की खरीद करते हैं। ऐसे में बोली प्रक्रिया का पूरी तरह पारदर्शी होना सभी पक्षों के हित में है। मंडी के वास्तविक भाव और बोली प्रक्रिया की जानकारी समय पर सार्वजनिक होने से किसानों को सही बाजार मूल्य का अंदाजा मिलता है और मंडी व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है। डिजिटल मीडिया की भूमिका भी इसी पारदर्शिता को लोगों तक पहुंचाने की है। ऐसे में प्रेस क्लब भुंतर के सदस्य मीडिया प्रतिनिधि की लाइव कवरेज को कथित रूप से रुकवाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सब कुछ नियमों और पारदर्शिता के साथ हो रहा है, तो कैमरे से परहेज करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मंडी प्रशासन और संबंधित पक्ष इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देते हैं तथा भविष्य में मंडी की बोली प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। #Bhuntar #BhuntarSabziMandi #Kullu #HimachalPradesh #AppleAuction #SabziMandi #Transparency #LiveCoverage #PressClubBhuntar #Kisan #Bagwan #AppleRate #FruitMarket #DigitalMedia #SatrangiChannel #KulluNews #BreakingNews

Bhuntar, Kullu | Jul 29, 2026

बड़ा सवाल : छिपा जवाब? 
17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को क्यों आया सामने, नगर पालिका उरई जांच पर उठे नए सवाल

उरई नगर पालिका जांच में बड़ा फेरबदल! रिंकू सिंह राही हटे, नई जांच टीम पर उठने लगे सवाल

नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। 
जांच समिति में बदलाव से जुड़ा 17 जुलाई 2026 का कार्यालय ज्ञापन अब 28 जुलाई को सार्वजनिक होने के बाद जिले में चर्चाओं का विषय बन गया है। 
खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नगर पालिका से जुड़े मामले की जांच को लेकर पहले से ही लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हुई थीं।

रिकॉर्ड के अनुसार, नगर पालिका उरई में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के आदेश से 18 जून 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। 
समिति में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य अध्यक्ष, तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही सदस्य तथा अधिशासी अभियंता अमित कुमार सक्सेना सदस्य बनाए गए थे।

बाद में रिंकू सिंह राही के स्थानांतरण के चलते 17 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से उनकी जगह वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को जांच समिति का सदस्य नामित कर दिया गया। 
आदेश में इसे स्थानांतरण के कारण किया गया प्रशासनिक संशोधन बताया गया है।

हालांकि, आदेश सार्वजनिक होने के समय को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि 17 जुलाई को जारी आदेश 28 जुलाई को ही व्यापक रूप से क्यों सामने आया?
 क्या यह केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी थी, या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण था? 
फिलहाल इन सवालों का आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।

इसी बीच यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर लोगों की अपेक्षाएं पहले से ही बढ़ी हुई थीं।
 ऐसे में जांच समिति में बदलाव और उसके आदेश के देर से चर्चा में आने पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट कब सौंपेगी, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो क्या कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल: 17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को चर्चा में क्यों आया? 
क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी या केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी? 
इसका उत्तर संबंधित अधिकारी ही स्पष्ट कर सकते हैं।

आपकी क्या राय है? 
क्या इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन को विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए?
 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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बड़ा सवाल : छिपा जवाब? 17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को क्यों आया सामने, नगर पालिका उरई जांच पर उठे नए सवाल उरई नगर पालिका जांच में बड़ा फेरबदल! रिंकू सिंह राही हटे, नई जांच टीम पर उठने लगे सवाल नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। जांच समिति में बदलाव से जुड़ा 17 जुलाई 2026 का कार्यालय ज्ञापन अब 28 जुलाई को सार्वजनिक होने के बाद जिले में चर्चाओं का विषय बन गया है। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नगर पालिका से जुड़े मामले की जांच को लेकर पहले से ही लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हुई थीं। रिकॉर्ड के अनुसार, नगर पालिका उरई में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के आदेश से 18 जून 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य अध्यक्ष, तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही सदस्य तथा अधिशासी अभियंता अमित कुमार सक्सेना सदस्य बनाए गए थे। बाद में रिंकू सिंह राही के स्थानांतरण के चलते 17 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से उनकी जगह वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को जांच समिति का सदस्य नामित कर दिया गया। आदेश में इसे स्थानांतरण के कारण किया गया प्रशासनिक संशोधन बताया गया है। हालांकि, आदेश सार्वजनिक होने के समय को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि 17 जुलाई को जारी आदेश 28 जुलाई को ही व्यापक रूप से क्यों सामने आया? क्या यह केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी थी, या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण था? फिलहाल इन सवालों का आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। इसी बीच यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर लोगों की अपेक्षाएं पहले से ही बढ़ी हुई थीं। ऐसे में जांच समिति में बदलाव और उसके आदेश के देर से चर्चा में आने पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट कब सौंपेगी, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो क्या कार्रवाई होगी। बड़ा सवाल: 17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को चर्चा में क्यों आया? क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी या केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी? इसका उत्तर संबंधित अधिकारी ही स्पष्ट कर सकते हैं। आपकी क्या राय है? क्या इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन को विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #BreakingNews #Jalaun #Orai #NagarPalikaOrai #JalaunNews #UPNews #Investigation #Inquiry #RinkuSinghRahi #RakeshKumarSoni #RajeshKumarPandey #ADM #Transparency #Accountability #MunicipalCouncil #HindiNews #GroundReport #Exclusive #PublicInterest #Question #NewsAlert #LatestNews #LocalNews #Trending #ViralNews #SonuMaharaj #CrimeReporter #JalaunUpdates #FactCheck #PublicDiscussion

Kalpi, Jalaun | Jul 28, 2026

फतेहपुर में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन, वरिष्ठ लेखा परीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

डीआईओएस कार्यालय के सामने 1 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया आरोपी

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज, मामले की जांच शुरू

✒️रिपोर्ट अंकित मिश्रा के साथ अजय श्रीवास्तव

फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन प्रयागराज की टीम ने एक वरिष्ठ लेखा परीक्षक को कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिश्वत ऑडिट से संबंधित कार्य के नाम पर मांगी गई थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।

फतेहपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ लेखा परीक्षक को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई एंटी करप्शन संगठन, प्रयागराज की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी वरिष्ठ लेखा परीक्षक पर ऑडिट से संबंधित कार्य के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने सत्यापन कर ट्रैप की योजना बनाई।

बताया जा रहा है कि टीम ने डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) कार्यालय के सामने आरोपी को कथित रिश्वत की रकम लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

इस मामले में थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एंटी करप्शन टीम अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी विभागों में भी हलचल तेज हो गई है। मामले में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

> महत्वपूर्ण नोट: यह समाचार प्रारंभिक आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

भ्रष्टाचार के मामलों में की जाने वाली ऐसी कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले के सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील

एनडी न्यूज़ एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील करता है। यदि किसी नागरिक से किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो इसकी सूचना तत्काल एंटी करप्शन संगठन या संबंधित सक्षम अधिकारी को दें। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था समाज और देश के विकास की आधारशिला है।

जनहित में सुझाव

किसी भी सरकारी कार्य के लिए रिश्वत न दें और न लें।

रिश्वत मांगने की स्थिति में संबंधित एजेंसी को तुरंत शिकायत करें।

सभी सरकारी लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करें।

पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को मजबूत बनाने में नागरिक अपनी भूमिका निभाएं।
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मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया

✒️ रिपोर्ट: सहयोगी अंकित मिश्रा के साथ जिला ब्यूरो अजय श्रीवास्तव

📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)

📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)

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📅 दिनांक: 27 जुलाई 2026
📆 दिन: सोमवार

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फतेहपुर में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन, वरिष्ठ लेखा परीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार डीआईओएस कार्यालय के सामने 1 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया आरोपी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज, मामले की जांच शुरू ✒️रिपोर्ट अंकित मिश्रा के साथ अजय श्रीवास्तव फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन प्रयागराज की टीम ने एक वरिष्ठ लेखा परीक्षक को कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिश्वत ऑडिट से संबंधित कार्य के नाम पर मांगी गई थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। फतेहपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ लेखा परीक्षक को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई एंटी करप्शन संगठन, प्रयागराज की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी वरिष्ठ लेखा परीक्षक पर ऑडिट से संबंधित कार्य के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने सत्यापन कर ट्रैप की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि टीम ने डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) कार्यालय के सामने आरोपी को कथित रिश्वत की रकम लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। इस मामले में थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एंटी करप्शन टीम अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी विभागों में भी हलचल तेज हो गई है। मामले में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। > महत्वपूर्ण नोट: यह समाचार प्रारंभिक आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी। भ्रष्टाचार के मामलों में की जाने वाली ऐसी कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले के सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील एनडी न्यूज़ एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील करता है। यदि किसी नागरिक से किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो इसकी सूचना तत्काल एंटी करप्शन संगठन या संबंधित सक्षम अधिकारी को दें। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था समाज और देश के विकास की आधारशिला है। जनहित में सुझाव किसी भी सरकारी कार्य के लिए रिश्वत न दें और न लें। रिश्वत मांगने की स्थिति में संबंधित एजेंसी को तुरंत शिकायत करें। सभी सरकारी लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करें। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को मजबूत बनाने में नागरिक अपनी भूमिका निभाएं। 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #BreakingNews #AntiCorruption #Prayagraj #Corruption #Bribery #DIOS #UttarPradesh #UPNews #FatehpurPolice #Vigilance #Transparency #GoodGovernance #CrimeNews #AntiCorruptionBureau #PublicAccountability #LawAndOrder #Justice 👇👇👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @rashtrapatibhvn @UPMahilaKalyan @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट: सहयोगी अंकित मिश्रा के साथ जिला ब्यूरो अजय श्रीवास्तव 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 27 जुलाई 2026 📆 दिन: सोमवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 *👇👇👇👇* *https://x.com/i/status/2081781847034630588*

Fatehpur, Fatehpur | Jul 27, 2026

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर भर्ती अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती में मास चीटिंग की शिकायतों के बावजूद निष्पक्ष जांच नहीं हुई और सीबीआई रिपोर्ट में नामित अधिकारियों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें अहम जिम्मेदारियां दी गईं।
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के कैंडल मार्च को राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए कहा कि प्रदेश का युवा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहता है, लेकिन सरकार युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात कर रही है।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का अभियान बताया। साथ ही कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
आपकी राय क्या है? क्या भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर भर्ती अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती में मास चीटिंग की शिकायतों के बावजूद निष्पक्ष जांच नहीं हुई और सीबीआई रिपोर्ट में नामित अधिकारियों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें अहम जिम्मेदारियां दी गईं। जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के कैंडल मार्च को राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए कहा कि प्रदेश का युवा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहता है, लेकिन सरकार युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात कर रही है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का अभियान बताया। साथ ही कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। आपकी राय क्या है? क्या भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #HimachalPradesh #JairamThakur #BJP #Congress #PaperLeak #RecruitmentScam #PoliceRecruitment #Youth #HimachalNews #Shimla #ManKiBaat #PMModi #KargilVijayDiwas #EkPedMaaKeNaam #NStarNews #BreakingNews #HimachalPolitics #Employment #Transparency #IndiaNews

Himachal Pradesh, India | Jul 26, 2026

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