
“पहले गोली, फिर जांच—अगर आदेश देने वाला ही जांच करवाए, तो न्याय पर भरोसा कैसे हो? कैसा बिहार बन रहा है?” #BharatTiwari #JusticeForBharatTiwari #FakeEncounter #BiharPolitics #JudicialInquiry #PoliceAccountability
Bihar, India | Jun 21, 2026

बिहार का चर्चित एनकाउंटर! तिवारी की मौ#त पर घिरी पुलिस मचा हड़कंप #BiharEncounter #TiwariDeath #PoliceControversy #JusticeForTiwari #BiharNews #EncounterKillings #PoliceAccountability #HumanRights #BiharPolitics #PublicOutrage #CrimeAndJustice #LawAndOrder #BiharPolice #SocialJustice #PoliticalDebate #MediaCoverage #CivicEngagement #CommunityResponse #PoliceBrutality #JusticeMatters #BiharUpdates #CurrentAffairs #PublicSafety #CivilRights #BiharVoices #AccountabilityNow #PoliceReform #BiharSociety #VoicesForChange #JusticeForAll
Bihar, India | Jun 18, 2026

घर बैठे पत्रकार का हुआ शराब टेस्ट! पुलिस की कार्रवाई का वीडियो चर्चा में" #Journalism #AlcoholTest #PoliceAction #ViralVideo #HomeTesting #PublicSafety #LawEnforcement #BreakingNews #CitizenJournalism #Accountability #PoliceConduct #SocialMediaBuzz #TrendingNow #NewsCoverage #CommunityWatch #JusticeSystem #Transparency #VideoEvidence #HomeSafety #PoliceInteraction #MediaEthics #PublicInterest #RealLifeDrama #CivicEngagement #Newsworthy #InvestigativeReporting #PoliceAccountability #ViralContent #HomeTestingProtocol #WatchdogJournalism #CurrentEvents
Bihar, India | Jun 18, 2026

जूस पी रहा था कोटेदार, पुलिस उठा ले गई? पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप जहानाबाद में पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, पुलिस ने आरोपों को किया खारिज राशन कोटेदार की एसपी से शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग तेज ✒️रिपोर्ट नागेंद्र पांडये फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र में एक राशन कोटेदार और पुलिस के बीच हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर पीड़ित ने पुलिस पर अवैध हिरासत, मारपीट, जबरन बयान लिखवाने और नकदी गायब होने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस का दावा है कि संबंधित व्यक्ति शराब के नशे में पुलिस टीम से अभद्रता कर रहा था, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। अब मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुका है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। फतेहपुर के जहानाबाद थाना क्षेत्र के अमौली तिराहे पर हुई एक घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। कानपुर नगर निवासी एक राशन कोटेदार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि वह अमौली चौराहे पर जूस पी रहा था, तभी पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया और बिना पर्याप्त कारण बताए थाने ले गए। आरोप है कि उसका मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिया गया, घंटों तक बैठाकर रखा गया और बाद में लॉकअप में बंद कर दिया गया। जबरन बयान लिखवाने का आरोप शिकायतकर्ता का कहना है कि उस पर दबाव बनाकर ऐसा बयान लिखवाया गया जिसमें उसे शराब के नशे में पुलिस से अभद्रता करने वाला बताया गया। उसने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई तथा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि मोबाइल वापस मिलने के बाद उसमें रखी नकदी गायब थी। रुपये मांगने पर कथित तौर पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। पुलिस ने क्या कहा? दूसरी ओर जहानाबाद पुलिस ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि अमौली तिराहे पर पिकेट ड्यूटी के दौरान एक व्यक्ति शराब के नशे में पुलिसकर्मियों से अभद्रता कर रहा था और विवाद की स्थिति उत्पन्न कर रहा था। पुलिस के अनुसार सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और वैधानिक कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद नियमानुसार उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि संबंधित व्यक्ति ने स्वयं को पत्रकार बताया था, लेकिन मांगे जाने पर कोई वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच की मांग से बढ़ी चर्चा मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग होने के कारण अब यह प्रकरण चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। नागरिक अधिकार और जवाबदेही पर बहस यह मामला केवल एक व्यक्ति और पुलिस के बीच विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता, नागरिक अधिकारों और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सामने लाता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर विषय हो सकता है, वहीं यदि पुलिस का पक्ष सही साबित होता है तो कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की कार्रवाई को उचित माना जाएगा। फिलहाल यह मामला जांच और तथ्यों की पुष्टि के चरण में है। पुलिस और शिकायतकर्ता दोनों ने अपने-अपने दावे प्रस्तुत किए हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच ही सच्चाई तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम होती है। अब सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर हैं, जहां से इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा तय होगी। "निष्पक्ष जांच ही न्याय की पहली सीढ़ी है।" 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Jahanabad #PoliceInvestigation #UPPolice #BreakingNews #CitizenRights #PoliceAccountability #AmoliChauraha #फतेहपुर #जहानाबाद #कोटेदार #पुलिसजांच #नागरिकअधिकार #उत्तरप्रदेश #ब्रेकिंगन्यूज़ #NDNewsChannel 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📆 दिन: गुरुवार 📞 मोबाइल: 9696119696
Fatehpur, Fatehpur | Jun 18, 2026

🚨 महिला एसपी के जिले में आदिवासी महिला से थाने में कथित बर्बरता, निष्पक्ष जांच की मांग तेज सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी में एक आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। कांदरबेड़ा निवासी राहुल महाली ने अपनी बहन अल्पना महाली के साथ कपाली ओपी प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा बंद कमरे में मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए एसपी को आवेदन सौंपा है। आरोप है कि पूछताछ के दौरान महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता की बड़ी बहन अम्बालिका महाली का दावा है कि अल्पना को अकेले कमरे में ले जाया गया, जहां से चीखने की आवाजें सुनाई दीं। आरोप है कि पिटाई के कारण वह बेहोश हो गईं और बाद में पानी डालकर होश में लाया गया। यह भी आरोप है कि परिवार पर दबाव बनाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए। समाजसेवी एवं अधिवक्ता नारायण महतो ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह एक आदिवासी महिला के मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने मामले में शामिल सभी दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं और चांडिल एसडीपीओ को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी, लेकिन यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है। #Seraikela #KapaliOP #JusticeForAdivasiWoman #Jharkhand #HumanRights #PoliceAccountability #NarayanMahato
Adityapur Gamharia, Saraikela Kharsawan | Jun 16, 2026