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Pensionissue

मऊगंज में पेंशनर्स का प्रदर्शन, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
5 लाख पेंशनर्स की आवाज बनी मऊगंज इकाई, महंगाई राहत और एरियर समेत उठाई मांगें
पेंशनर्स एसोसिएशन ने सरकार को सौंपा मांग पत्र, लंबित समस्याओं के समाधान की मांग
महंगाई राहत से स्वास्थ्य सुविधा तक, पेंशनर्स ने 6 मांगों को लेकर खोला मोर्चा
मऊगंज में पेंशनर्स की हुंकार, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी#Mauganj #MauganjNews #Pensioners #PensionersAssociation #PensionDemand #MadhyaPradesh #MPNews #GovernmentEmployees #PensionIssue #CMDrMohanYadav #BreakingNews #HindiNews #GroundReport #PublicIssue #EmployeeNews

मऊगंज में पेंशनर्स का प्रदर्शन, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन 5 लाख पेंशनर्स की आवाज बनी मऊगंज इकाई, महंगाई राहत और एरियर समेत उठाई मांगें पेंशनर्स एसोसिएशन ने सरकार को सौंपा मांग पत्र, लंबित समस्याओं के समाधान की मांग महंगाई राहत से स्वास्थ्य सुविधा तक, पेंशनर्स ने 6 मांगों को लेकर खोला मोर्चा मऊगंज में पेंशनर्स की हुंकार, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी#Mauganj #MauganjNews #Pensioners #PensionersAssociation #PensionDemand #MadhyaPradesh #MPNews #GovernmentEmployees #PensionIssue #CMDrMohanYadav #BreakingNews #HindiNews #GroundReport #PublicIssue #EmployeeNews

Madhya Pradesh, India | Jul 1, 2026

**कड़कड़ाती धूप में लोहे की तरह तपकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ८०% दिव्यांग पत्रकार को मऊगंज एसडीएम ने दी अनशन की खुली चुनौती; भारतीय संविधान के अनुच्छेद २१ और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम २०१६ को ठेंगे पर रख रहा प्रशासनिक अमला, मंगलवार से शुरू होने जा रहे अनशन को मिला जनता का भारी समर्थन**

**मऊगंज:** जब व्यवस्था अंधी और बहरी हो जाए तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को खुद कड़कड़ाती धूप में लोहे की तरह तपकर सड़कों पर उतरना पड़ता है, और मऊगंज में इसकी जीती-जागती तस्वीर तब देखने को मिली जब ८० प्रतिशत दिव्यांग पत्रकार दीपक कुमार गुप्ता अपनी व्हीलचेयर पर हाथों में आवेदन पत्र थामे मऊगंज अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय के सामने पहुंचे. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर वीडियो जारी करते हुए उन्होंने प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर किया, जहाँ शनिवार की छुट्टी होने के कारण कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या बाबू उनकी सुध लेने के लिए मौजूद नहीं था. इससे भी अधिक शर्मनाक पहलू यह है कि जब पूर्व में इस दिव्यांग पत्रकार ने दूरभाष के माध्यम से एसडीएम महोदय को अपनी पीड़ा से अवगत कराना चाहा, तो अधिकारी ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनने के बजाय बेहद तल्ख और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए दोटूक शब्दों में कहा कि 'आपका आवेदन स्वीकार नहीं होगा, जहां मर्जी हो बैठो अनशन पर, शासन से पैसा आएगा तभी मिलेगा'. एक जिम्मेदार लोक सेवक द्वारा एक दिव्यांग नागरिक को इस तरह से दुत्कारना न केवल मर्यादा के खिलाफ है बल्कि देश के सर्वोच्च कानून यानी 'भारतीय संविधान' का खुला उल्लंघन भी है. हमारे संविधान का अनुच्छेद २१ हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार देता है, और इसी के तहत 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम २०१६' (RPWD Act 2016) अस्तित्व में आया, जो स्पष्ट रूप से कहता है कि दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में बराबरी, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिलना चाहिए; इस अधिनियम की धारा ३ के तहत सरकार और प्रशासन का यह वैधानिक दायित्व है कि वे दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा करें और उन्हें हर प्रकार के शोषण व मानसिक प्रताड़ना से बचाएं, लेकिन मऊगंज का प्रशासनिक अमला शायद इस कानून से पूरी तरह अनभिज्ञ है.
मध्य प्रदेश सरकार जहाँ लाड़ली बहनों को हर महीने एक निश्चित तिथि पर ₹१५०० की राशि प्रदान कर रही है, वहीं समाज के सबसे लाचार वर्ग यानी दिव्यांगों और विधवाओं को मिलने वाली ₹६०० की मामूली मासिक पेंशन की कोई तारीख तय नहीं है; कभी २३, कभी २६ तो कभी महीनों की देरी के बाद मिलने वाली यह पेंशन पूरी तरह से अधिकारियों की मनमर्जी और दिव्यांगों के अपमान का जरिया बन चुकी है. इसी तानाशाही और आर्थिक कंगाली के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए दिव्यांग पत्रकार दीपक कुमार गुप्ता ने संकल्प लिया है कि चाहे जिला प्रशासन उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दे या उन्हें जेल भेज दे, यहाँ तक कि इस संघर्ष में यदि उन्हें मृत्यु भी प्राप्त हो जाए, तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि बिना आत्मसम्मान के ऐसी सुविधाओं के अभाव में जीने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने आगामी मंगलवार से मऊगंज कलेक्ट्रेट के सामने शुरू होने वाले अपने 'शांतिपूर्ण क्रमिक अनशन' के लिए क्षेत्र के तमाम समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस न्याय की लड़ाई में उनका साथ दें और धरना स्थल पर एक पंडाल (टेंट) की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं. मऊगंज की आम जनता अब इस बहादुर पत्रकार के समर्थन में लामबंद हो रही है और मांग कर रही है कि सरकार और मऊगंज कलेक्टर इस प्रशासनिक उदासीनता पर तत्काल संज्ञान लें और दिव्यांगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाएं.

#DivyangRights #PensionIssue #SocialJustice #DivyangJournalist #SDMOffice #GovernmentSchemes #SupportDivyang #VoiceOfChange #JusticeForDivyang #HumanRights #SocialMediaPower #IndiaHeadline24 #ViralVideo #FacebookReels #ShareAndSupport #TrendingNews #PublicIssue #Awareness #Anshan #RightToPension

**कड़कड़ाती धूप में लोहे की तरह तपकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ८०% दिव्यांग पत्रकार को मऊगंज एसडीएम ने दी अनशन की खुली चुनौती; भारतीय संविधान के अनुच्छेद २१ और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम २०१६ को ठेंगे पर रख रहा प्रशासनिक अमला, मंगलवार से शुरू होने जा रहे अनशन को मिला जनता का भारी समर्थन** **मऊगंज:** जब व्यवस्था अंधी और बहरी हो जाए तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को खुद कड़कड़ाती धूप में लोहे की तरह तपकर सड़कों पर उतरना पड़ता है, और मऊगंज में इसकी जीती-जागती तस्वीर तब देखने को मिली जब ८० प्रतिशत दिव्यांग पत्रकार दीपक कुमार गुप्ता अपनी व्हीलचेयर पर हाथों में आवेदन पत्र थामे मऊगंज अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय के सामने पहुंचे. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर वीडियो जारी करते हुए उन्होंने प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर किया, जहाँ शनिवार की छुट्टी होने के कारण कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या बाबू उनकी सुध लेने के लिए मौजूद नहीं था. इससे भी अधिक शर्मनाक पहलू यह है कि जब पूर्व में इस दिव्यांग पत्रकार ने दूरभाष के माध्यम से एसडीएम महोदय को अपनी पीड़ा से अवगत कराना चाहा, तो अधिकारी ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनने के बजाय बेहद तल्ख और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए दोटूक शब्दों में कहा कि 'आपका आवेदन स्वीकार नहीं होगा, जहां मर्जी हो बैठो अनशन पर, शासन से पैसा आएगा तभी मिलेगा'. एक जिम्मेदार लोक सेवक द्वारा एक दिव्यांग नागरिक को इस तरह से दुत्कारना न केवल मर्यादा के खिलाफ है बल्कि देश के सर्वोच्च कानून यानी 'भारतीय संविधान' का खुला उल्लंघन भी है. हमारे संविधान का अनुच्छेद २१ हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार देता है, और इसी के तहत 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम २०१६' (RPWD Act 2016) अस्तित्व में आया, जो स्पष्ट रूप से कहता है कि दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में बराबरी, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिलना चाहिए; इस अधिनियम की धारा ३ के तहत सरकार और प्रशासन का यह वैधानिक दायित्व है कि वे दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा करें और उन्हें हर प्रकार के शोषण व मानसिक प्रताड़ना से बचाएं, लेकिन मऊगंज का प्रशासनिक अमला शायद इस कानून से पूरी तरह अनभिज्ञ है. मध्य प्रदेश सरकार जहाँ लाड़ली बहनों को हर महीने एक निश्चित तिथि पर ₹१५०० की राशि प्रदान कर रही है, वहीं समाज के सबसे लाचार वर्ग यानी दिव्यांगों और विधवाओं को मिलने वाली ₹६०० की मामूली मासिक पेंशन की कोई तारीख तय नहीं है; कभी २३, कभी २६ तो कभी महीनों की देरी के बाद मिलने वाली यह पेंशन पूरी तरह से अधिकारियों की मनमर्जी और दिव्यांगों के अपमान का जरिया बन चुकी है. इसी तानाशाही और आर्थिक कंगाली के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए दिव्यांग पत्रकार दीपक कुमार गुप्ता ने संकल्प लिया है कि चाहे जिला प्रशासन उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दे या उन्हें जेल भेज दे, यहाँ तक कि इस संघर्ष में यदि उन्हें मृत्यु भी प्राप्त हो जाए, तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि बिना आत्मसम्मान के ऐसी सुविधाओं के अभाव में जीने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने आगामी मंगलवार से मऊगंज कलेक्ट्रेट के सामने शुरू होने वाले अपने 'शांतिपूर्ण क्रमिक अनशन' के लिए क्षेत्र के तमाम समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस न्याय की लड़ाई में उनका साथ दें और धरना स्थल पर एक पंडाल (टेंट) की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं. मऊगंज की आम जनता अब इस बहादुर पत्रकार के समर्थन में लामबंद हो रही है और मांग कर रही है कि सरकार और मऊगंज कलेक्टर इस प्रशासनिक उदासीनता पर तत्काल संज्ञान लें और दिव्यांगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाएं. #DivyangRights #PensionIssue #SocialJustice #DivyangJournalist #SDMOffice #GovernmentSchemes #SupportDivyang #VoiceOfChange #JusticeForDivyang #HumanRights #SocialMediaPower #IndiaHeadline24 #ViralVideo #FacebookReels #ShareAndSupport #TrendingNews #PublicIssue #Awareness #Anshan #RightToPension

Mauganj, Rewa | Jun 29, 2026

एचआरटीसी पेंशनर्स ने उठाई लंबित मांगों के शीघ्र निपटारे की आवाज़
रामपुर बुशहर में एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन (रामपुर एवं रिकांगपिओ इकाई) की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रीतम चंद चौहान ने की। बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने भाग लेते हुए अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
पेंशनर्स ने सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की कि 1 जनवरी 2016 से देय वेतन एवं भत्तों का भुगतान, लंबित डीए की किस्त, मेडिकल रिवर्समेंट बिलों का निपटारा, बकाया पेंशन राशि तथा एरिया की ₹50,000 की किस्त का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलनात्मक रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।
📍 स्थान: रामपुर बुशहर
🎤 रिपोर्ट: TEAM GROUND ZERO
#HRTC #HRTCPensioners #RamourBushahr #PensionersMeeting #HimachalPradesh #PensionNews #RetiredEmployees #PensionIssue #MedicalReimbursement #DAArrears #HRTCNews #HimachalNews #TeamGroundZero #GroundZeroNews #BreakingNews #RampurNews #KinnaurNews #PensionUpdate #VoiceOfPensioners #NewsUpdate

एचआरटीसी पेंशनर्स ने उठाई लंबित मांगों के शीघ्र निपटारे की आवाज़ रामपुर बुशहर में एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन (रामपुर एवं रिकांगपिओ इकाई) की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रीतम चंद चौहान ने की। बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने भाग लेते हुए अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पेंशनर्स ने सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की कि 1 जनवरी 2016 से देय वेतन एवं भत्तों का भुगतान, लंबित डीए की किस्त, मेडिकल रिवर्समेंट बिलों का निपटारा, बकाया पेंशन राशि तथा एरिया की ₹50,000 की किस्त का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलनात्मक रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है। 📍 स्थान: रामपुर बुशहर 🎤 रिपोर्ट: TEAM GROUND ZERO #HRTC #HRTCPensioners #RamourBushahr #PensionersMeeting #HimachalPradesh #PensionNews #RetiredEmployees #PensionIssue #MedicalReimbursement #DAArrears #HRTCNews #HimachalNews #TeamGroundZero #GroundZeroNews #BreakingNews #RampurNews #KinnaurNews #PensionUpdate #VoiceOfPensioners #NewsUpdate

Rampur, Shimla | Jun 12, 2026

एचआरटीसी पेंशनर्स ने उठाई लंबित मांगों के शीघ्र निपटारे की आवाज़
रामपुर बुशहर में एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन (रामपुर एवं रिकांगपिओ इकाई) की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रीतम चंद चौहान ने की। बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने भाग लेते हुए अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
पेंशनर्स ने सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की कि 1 जनवरी 2016 से देय वेतन एवं भत्तों का भुगतान, लंबित डीए की किस्त, मेडिकल रिवर्समेंट बिलों का निपटारा, बकाया पेंशन राशि तथा एरिया की ₹50,000 की किस्त का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलनात्मक रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।

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एचआरटीसी पेंशनर्स ने उठाई लंबित मांगों के शीघ्र निपटारे की आवाज़ रामपुर बुशहर में एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन (रामपुर एवं रिकांगपिओ इकाई) की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रीतम चंद चौहान ने की। बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने भाग लेते हुए अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पेंशनर्स ने सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की कि 1 जनवरी 2016 से देय वेतन एवं भत्तों का भुगतान, लंबित डीए की किस्त, मेडिकल रिवर्समेंट बिलों का निपटारा, बकाया पेंशन राशि तथा एरिया की ₹50,000 की किस्त का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलनात्मक रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है। #HRTC #HRTCPensioners #RamourBushahr #PensionersMeeting #HimachalPradesh #PensionNews #RetiredEmployees #PensionIssue #MedicalReimbursement #DAArrears #HRTCNews #HimachalNews #TeamGroundZero #GroundZeroNews #BreakingNews #RampurNews #KinnaurNews #PensionUpdate #VoiceOfPensioners #NewsUpdate

Rampur, Shimla | Jun 12, 2026

दिव्यांगों की आवाज़ कब सुनेगी सरकार?
हिमाचल प्रदेश के दिव्यांगजन अपनी मांगों को लेकर पिछले 968 दिनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अपनी जायज़ मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए वे 131 दिनों तक शिमला सचिवालय के बाहर धरने पर भी बैठे रहे, लेकिन उनका कहना है कि आज तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
दिव्यांगजनों का आरोप है कि उन्हें मात्र ₹1700 पेंशन दी जाती है, वह भी कई बार तीन-तीन महीने की देरी से मिलती है। बढ़ती महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में जीवनयापन करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों और संघर्ष को लगातार अनदेखा कर रही है।
आज TEAM GROUND ZERO के साथ विशेष बातचीत में दिव्यांग साथियों ने अपनी पीड़ा, संघर्ष और मांगों को खुलकर सामने रखा। उन्होंने सरकार से अपील की कि दिव्यांगों के अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा उनकी वर्षों पुरानी मांगों का जल्द समाधान किया जाए।
TEAM GROUND ZERO जनता की आवाज़ को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
#TeamGroundZero #DivyangAdhikar #HimachalPradesh #Shimla #DharnaPradarshan #PensionIssue #PublicVoice #GroundReport #SocialJustice #DivyangSamman #HimachalNews #JanKiAwaaz #NewsUpdate #RampurBushahr #GroundZeroExclusive #VoiceOfPeople #PensionHike #DivyangSangharsh #ShimlaSecretariat #BreakingNews

दिव्यांगों की आवाज़ कब सुनेगी सरकार? हिमाचल प्रदेश के दिव्यांगजन अपनी मांगों को लेकर पिछले 968 दिनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अपनी जायज़ मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए वे 131 दिनों तक शिमला सचिवालय के बाहर धरने पर भी बैठे रहे, लेकिन उनका कहना है कि आज तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। दिव्यांगजनों का आरोप है कि उन्हें मात्र ₹1700 पेंशन दी जाती है, वह भी कई बार तीन-तीन महीने की देरी से मिलती है। बढ़ती महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में जीवनयापन करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों और संघर्ष को लगातार अनदेखा कर रही है। आज TEAM GROUND ZERO के साथ विशेष बातचीत में दिव्यांग साथियों ने अपनी पीड़ा, संघर्ष और मांगों को खुलकर सामने रखा। उन्होंने सरकार से अपील की कि दिव्यांगों के अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा उनकी वर्षों पुरानी मांगों का जल्द समाधान किया जाए। TEAM GROUND ZERO जनता की आवाज़ को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। #TeamGroundZero #DivyangAdhikar #HimachalPradesh #Shimla #DharnaPradarshan #PensionIssue #PublicVoice #GroundReport #SocialJustice #DivyangSamman #HimachalNews #JanKiAwaaz #NewsUpdate #RampurBushahr #GroundZeroExclusive #VoiceOfPeople #PensionHike #DivyangSangharsh #ShimlaSecretariat #BreakingNews

Rampur, Shimla | Jun 11, 2026

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