क्या आपने कभी मेंढक-मेंढकी की शादी में बैंड-बाजा और बारात देखी है? छत्तीसगढ़ के सूरजपुर (प्रतापपुर क्षेत्र) में ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। यहाँ ग्रामीणों ने इंद्रदेव को मनाने और अच्छी बारिश की कामना के लिए बरसों पुरानी परंपरा निभाई। गाँव के बाहर एक पेड़ के नीचे पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और रीति-रिवाज से इस अनोखे जोड़े का विवाह संपन्न कराया।
इस अनोखी शादी का हिस्सा बनने के लिए सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। डीजे और पारंपरिक गानों की धुन पर बच्चे, बूढ़े, युवा और महिलाएँ जमकर थिरकते नजर आए। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में हर साल अच्छी फसल और सुख-समृद्धि के लिए ऐसी आस्था की खूबसूरत तस्वीरें सामने आती हैं, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।
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Ambikapur, Surguja | Jul 8, 2026