🚨 कानपुर का हाई-प्रोफाइल 'प्रखर त्रिवेदी मौत मामला'—अब कोर्ट के हंटर से थर्राई पुलिस!
"होमवर्क नहीं किया तो 9वीं मंजिल से कूद गया..."—ससुराल वालों ने इस थ्योरी के पीछे सच को छिपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन एक बेबस मां की ममता और न्याय की जंग के आगे आखिरकार रसूखदारों का किला ढह गया!
कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित एनआरआई सिटी में बीते साल 16 दिसंबर को हुई 8वीं के छात्र प्रखर त्रिवेदी की दर्दनाक मौत के मामले में माननीय कोर्ट ने ऐतिहासिक और बेहद सख्त आदेश दिया है।
🛑 क्या है पूरा मामला?
मां का संगीन आरोप: कल्याणपुर मायके में रह रही मां बोस्की त्रिपाठी का सीधा आरोप है कि उनके शराबी पति, ताऊ और दादा-दादी ने मिलकर मासूम प्रखर को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रखर ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसे 9वीं मंजिल से नीचे फेंककर मार डाला गया और फिर इसे 'आत्महत्या' का रूप दे दिया गया!
ससुराल पक्ष का दावा: दादा-दादी की कहानी थी कि ट्यूशन टीचर की शिकायत पर जब प्रखर को डांटा गया, तो वो नाराज होकर बालकनी से कूद गया।
⚖️ कोर्ट का बड़ा डंडा, बैकफुट पर पुलिस!
हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण नवाबगंज पुलिस कथित तौर पर दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी। थक-हारकर मां ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) प्रदीप कुमार शुक्ला ने मां की अर्जी को स्वीकार करते हुए नवाबगंज थाना प्रभारी को सख्त आदेश दिया है:
घटना की बाबत सुसंगत धाराओं में तुरंत मुकदमा (FIR) दर्ज करें।
मामले की निष्पक्ष और गहन विवेचना सुनिश्चित करें।
सिर्फ 1 हफ्ते के अंदर पूरी जांच आख्या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें!
एक मां पिछले कई महीनों से अपने कलेजे के टुकड़े के इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही थी। अब कोर्ट के इस आदेश के बाद उम्मीद जगी है कि प्रखर की मौत का असली सच बहुत जल्द बेनकाब होगा।
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क्या कानपुर की नवाबगंज पुलिस बिना किसी रसूख और दबाव के इस हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्ष जांच कर पाएगी? क्या एक मां को इंसाफ मिलेगा? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें और सच को सामने लाने के लिए इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा SHARE करें!
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Parliament Street, New Delhi | Jun 10, 2026