Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Cm
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Pm
Uttarpradesh

Jamuicourt

जमुई: 5063 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार आरोपित को उत्पाद पुलिस की मेहरबानी से मिल गई जमानत

90 दिन की अवधि में भी कोर्ट के समक्ष आरोप पत्र समर्पित नहीं किए जाने की वजह से 5063 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार हाइवा चालक सिमुलतला निवासी विजय यादव को राहत मिल गई है। उत्पाद पुलिस की मेहरबानी की वजह से उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश रत्नेश्वर कुमार सिंह ने न चाहकर भी कानून के प्रावधानों के तहत उन्हें जमानत दे दी। क्योंकि पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के निर्धारित 90 दिन की अवधि में न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित नहीं किया। न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद आरोपित विजय यादव जेल से बाहर आ गया है। उक्त जानकारी बुधवार की शाम 4:00 बजे दी गई है। 

आरोपित की ओर से अधिवक्ता राजीव रंजन ने पैरवी की और जमानत आवेदन पर बहस किया। आइपीसी की धारा 167(2) और अब नई बीएनएसएस की धारा 187 (3) में यह प्रावधान है कि निर्धारित 90 और 60 दिन की अवधि में आरोपित की गिरफ्तारी के बाद यदि न्यायालय में आरोप-पत्र पुलिस समर्पित नहीं करती है तो उसे डिफाल्ट बेल, यानी जमानत मिल जाती है। अधिवक्ता राजीव रंजन ने अब तक इस तरह के कई गंभीर मामलों में हजारों लीटर दारू पकड़े जाने के बाद आरोपित को जमानत कराई है। इसे पुलिस के पावर का दुरुपयोग कहे या अनुसंधान में उदासीनता? ऐसे मामले में जब आरोपित को अधिवक्ता बहस और दलील के बाद भी न्यायालय से जमानत नहीं दिला पाते हैं, उन्हें पुलिस अनुसंधान के दौरान मदद करके चुटकी में जमानत दिलवा सकती है और न्यायालय भी ऐसे जमानत मामले में कानून के प्रविधानों के तहत जमानत देने के लिए विवश होता है।

दरअसल 12 मार्च 2026 को मद्य निषेध थाना द्वारा दर्ज कराए गए इस एफआइआर में बताया गया है कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बामदह के समीप गिट्टी लदी एक हाईवा ट्रक को रोका और तलाशी ली तो गिट्टी और तिरपाल के नीचे से कई कार्टन में 5063 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद हुआ। इस दौरान सिमुलतला निवासी हाईवा चालक विजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान निर्धारित अवधि में जब न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित नहीं किया तो कानून के प्रविधानों के तहत पुलिस के पावर से विवश उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश रत्नेश्वर कुमार सिंह ने आरोपित विजय यादव को जमानत दे दी। #jamuitopnews #viralreelsシ #jamuicourt #utpadvibhag

जमुई: 5063 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार आरोपित को उत्पाद पुलिस की मेहरबानी से मिल गई जमानत 90 दिन की अवधि में भी कोर्ट के समक्ष आरोप पत्र समर्पित नहीं किए जाने की वजह से 5063 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार हाइवा चालक सिमुलतला निवासी विजय यादव को राहत मिल गई है। उत्पाद पुलिस की मेहरबानी की वजह से उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश रत्नेश्वर कुमार सिंह ने न चाहकर भी कानून के प्रावधानों के तहत उन्हें जमानत दे दी। क्योंकि पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के निर्धारित 90 दिन की अवधि में न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित नहीं किया। न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद आरोपित विजय यादव जेल से बाहर आ गया है। उक्त जानकारी बुधवार की शाम 4:00 बजे दी गई है। आरोपित की ओर से अधिवक्ता राजीव रंजन ने पैरवी की और जमानत आवेदन पर बहस किया। आइपीसी की धारा 167(2) और अब नई बीएनएसएस की धारा 187 (3) में यह प्रावधान है कि निर्धारित 90 और 60 दिन की अवधि में आरोपित की गिरफ्तारी के बाद यदि न्यायालय में आरोप-पत्र पुलिस समर्पित नहीं करती है तो उसे डिफाल्ट बेल, यानी जमानत मिल जाती है। अधिवक्ता राजीव रंजन ने अब तक इस तरह के कई गंभीर मामलों में हजारों लीटर दारू पकड़े जाने के बाद आरोपित को जमानत कराई है। इसे पुलिस के पावर का दुरुपयोग कहे या अनुसंधान में उदासीनता? ऐसे मामले में जब आरोपित को अधिवक्ता बहस और दलील के बाद भी न्यायालय से जमानत नहीं दिला पाते हैं, उन्हें पुलिस अनुसंधान के दौरान मदद करके चुटकी में जमानत दिलवा सकती है और न्यायालय भी ऐसे जमानत मामले में कानून के प्रविधानों के तहत जमानत देने के लिए विवश होता है। दरअसल 12 मार्च 2026 को मद्य निषेध थाना द्वारा दर्ज कराए गए इस एफआइआर में बताया गया है कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बामदह के समीप गिट्टी लदी एक हाईवा ट्रक को रोका और तलाशी ली तो गिट्टी और तिरपाल के नीचे से कई कार्टन में 5063 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद हुआ। इस दौरान सिमुलतला निवासी हाईवा चालक विजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान निर्धारित अवधि में जब न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित नहीं किया तो कानून के प्रविधानों के तहत पुलिस के पावर से विवश उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश रत्नेश्वर कुमार सिंह ने आरोपित विजय यादव को जमानत दे दी। #jamuitopnews #viralreelsシ #jamuicourt #utpadvibhag

Jamui, Jamui | Jun 17, 2026

Latest Jamuicourt News Videos - Watch the Latest News of July 31, 2026 | Public App