Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
मौत
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
मध्यप्रदेश
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
Crimenews
Karnataka
Aap

Indianfarmers

इस मिट्टी में हर दर्द का इलाज है, लेकिन इसमें मिल रहे प्लास्टिक के ज़हर की कोई दवा नहीं है! 🇮🇳#saveoursoil #cleanindiamission #indianfarmers #civicduty

इस मिट्टी में हर दर्द का इलाज है, लेकिन इसमें मिल रहे प्लास्टिक के ज़हर की कोई दवा नहीं है! 🇮🇳#saveoursoil #cleanindiamission #indianfarmers #civicduty

Jhalrapatan, Jhalawar | Jul 15, 2026

आम के पेड़ में केवल खाद डाल देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही समय, सही मात्रा और सही स्थान पर खाद देना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। यदि खाद फीडिंग रूट्स तक नहीं पहुंचती, तो उसका पूरा लाभ पौधे को नहीं मिल पाता।

इस वीडियो में जानिए:
• फल तुड़ाई के बाद सबसे पहले कौन-सी खाद दें।
• 10 वर्ष से अधिक आयु के पेड़ों के लिए खाद की सही मात्रा।
• गोबर की खाद कब और कितनी दें।
• नए पौधों में उर्वरक कब शुरू करें।
• नियमित फलन के लिए पेक्लोब्यूट्राजोल का सही समय और प्रयोग विधि।
• कॉपर, जिंक, बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का सही उपयोग।

यदि आप चाहते हैं कि आपके आम के पेड़ों में हर साल अच्छी बढ़वार, बेहतर बौर और भरपूर फल मिले, तो यह वीडियो अंत तक जरूर देखें।

आप अपने आम के बाग में खाद साल में कितनी बार देते हैं? अपना अनुभव और सवाल कमेंट में जरूर लिखें।

#AamKiKheti #MangoFarming #MangoOrchard #MangoCare #Paclobutrazol #FruitFarming #Horticulture #FertilizerManagement #NutrientManagement #IndianFarmers

आम के पेड़ में केवल खाद डाल देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही समय, सही मात्रा और सही स्थान पर खाद देना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। यदि खाद फीडिंग रूट्स तक नहीं पहुंचती, तो उसका पूरा लाभ पौधे को नहीं मिल पाता। इस वीडियो में जानिए: • फल तुड़ाई के बाद सबसे पहले कौन-सी खाद दें। • 10 वर्ष से अधिक आयु के पेड़ों के लिए खाद की सही मात्रा। • गोबर की खाद कब और कितनी दें। • नए पौधों में उर्वरक कब शुरू करें। • नियमित फलन के लिए पेक्लोब्यूट्राजोल का सही समय और प्रयोग विधि। • कॉपर, जिंक, बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का सही उपयोग। यदि आप चाहते हैं कि आपके आम के पेड़ों में हर साल अच्छी बढ़वार, बेहतर बौर और भरपूर फल मिले, तो यह वीडियो अंत तक जरूर देखें। आप अपने आम के बाग में खाद साल में कितनी बार देते हैं? अपना अनुभव और सवाल कमेंट में जरूर लिखें। #AamKiKheti #MangoFarming #MangoOrchard #MangoCare #Paclobutrazol #FruitFarming #Horticulture #FertilizerManagement #NutrientManagement #IndianFarmers

Mariahu, Jaunpur | Jul 9, 2026

बैतूल"कम बारिश का अलर्ट: मूंग-उड़द बोएं किसान, खाद वितरण में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई"

बैतूल में संभावित कम बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। उपरोक्त जानकारी जनसंपर्क कार्यालय द्वारा सोमवार 6:30 बजे के लगभग प्रेस नोट के माध्यम से दी गई जिसमें बताया गया कि
एलनीनो के प्रभाव और सामान्य से कम बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को कम अवधि वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार जिले में मूंग, उड़द, तिल और अरहर की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। इन फसलों के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता होने पर ही धान की खेती करने की सलाह दी गई है।
बैठक में प्राकृतिक खेती, मिलेट्स और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने किसानों को आधुनिक और सफल कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए किसान भ्रमण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही इंटरक्रॉपिंग और वैकल्पिक खेती के मॉडल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई।
खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी समितियों के माध्यम से खाद वितरण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने चेतावनी दी कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद खाद का ट्रांसफर नहीं करने वाले थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खाद से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
#Betul #BetulNews #KisanNews #FarmerAlert #Monsoon2026 #RainAlert #AgricultureNews #NaturalFarming #MilletsMission #CropDiversification #Moong #Urad #Til #KharifSeason #FarmersFirst #MPNews #MadhyaPradesh #KisanSamman #AgriUpdate #BetulBreaking #ViralNews #TrendingNews #KisanKiBaat #JaiKisan #IndianFarmers

बैतूल"कम बारिश का अलर्ट: मूंग-उड़द बोएं किसान, खाद वितरण में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई" बैतूल में संभावित कम बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। उपरोक्त जानकारी जनसंपर्क कार्यालय द्वारा सोमवार 6:30 बजे के लगभग प्रेस नोट के माध्यम से दी गई जिसमें बताया गया कि एलनीनो के प्रभाव और सामान्य से कम बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को कम अवधि वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार जिले में मूंग, उड़द, तिल और अरहर की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। इन फसलों के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता होने पर ही धान की खेती करने की सलाह दी गई है। बैठक में प्राकृतिक खेती, मिलेट्स और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने किसानों को आधुनिक और सफल कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए किसान भ्रमण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही इंटरक्रॉपिंग और वैकल्पिक खेती के मॉडल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई। खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी समितियों के माध्यम से खाद वितरण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने चेतावनी दी कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद खाद का ट्रांसफर नहीं करने वाले थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खाद से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। #Betul #BetulNews #KisanNews #FarmerAlert #Monsoon2026 #RainAlert #AgricultureNews #NaturalFarming #MilletsMission #CropDiversification #Moong #Urad #Til #KharifSeason #FarmersFirst #MPNews #MadhyaPradesh #KisanSamman #AgriUpdate #BetulBreaking #ViralNews #TrendingNews #KisanKiBaat #JaiKisan #IndianFarmers

Betul Nagar, Betul | Jun 23, 2026

बैतूल खरीफ सीजन के लिए जिले में यूरिया एवं एन.पी.के. उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण

बैतूल, जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है। सोमवार को जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के  माध्यम से देर शाम 7.16 मीनट पर जानकारी देते हुए उप संचालक कृषि श्री राम गोपाल रजक ने बताया कि इस वर्ष जिले में खरीफ फसलों की बोनी का लक्ष्य 4 लाख 56 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से 3 लाख हेक्टेयर में मक्का, 95 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन, 44 हजार हेक्टेयर में धान, 6 हजार हेक्टेयर में अरहर तथा शेष क्षेत्र में अन्य फसलें बोई जा रही हैं।
      उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की पहल पर इस वर्ष किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में जिले में कुल 52 हजार 120 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है, जिसमें से 34 हजार 331 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है तथा 17 हजार 789 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
       इसी प्रकार जिले में एन.पी.के. उर्वरक का कुल 11 हजार 519 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। इसमें से 5 हजार 524 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है तथा 5 हजार 995 मीट्रिक टन एन.पी.के. शेष है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि डी.ए.पी. उर्वरक का कुल 7 हजार 956 मीट्रिक टन भंडारण किया गया, जिसमें से 7 हजार 293 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में 663 मीट्रिक टन डी.ए.पी. उपलब्ध है।
      उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि बोनी के दौरान आधार खाद के रूप में एन.पी.के. उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे फसलों को संतुलित पोषण प्राप्त हो सके और उत्पादन में वृद्धि हो।

सोशल मीडिया पर किसानों और आम लोगों तक तेजी से पहुंचने के लिए यह वायरल पोस्ट तैयार है—

🌾🚜 बैतूल के किसानों के लिए बड़ी राहत!

खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले में यूरिया, एन.पी.के. और डीएपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। जिला प्रशासन ने किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए पहले से ही व्यापक इंतजाम किए हैं।

📌 जिले में खरीफ फसलों का लक्ष्य – 4.56 लाख हेक्टेयर

🌽 मक्का – 3 लाख हेक्टेयर
🫘 सोयाबीन – 95 हजार हेक्टेयर
🌾 धान – 44 हजार हेक्टेयर
🌱 अरहर – 6 हजार हेक्टेयर

📦 उर्वरक उपलब्धता की स्थिति:

✅ यूरिया – 17,789 मीट्रिक टन उपलब्ध
✅ एन.पी.के. – 5,995 मीट्रिक टन उपलब्ध
✅ डीएपी – 663 मीट्रिक टन उपलब्ध

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि बोनी के समय आधार खाद के रूप में एन.पी.के. उर्वरकों का अधिक उपयोग करें, जिससे फसलों को संतुलित पोषण मिले और उत्पादन बढ़े।

🌱 समय पर खाद, बेहतर फसल और किसानों के चेहरे पर मुस्कान... यही है प्रशासन की तैयारी!

👉 किसान भाईयों तक यह जानकारी जरूर पहुंचाएं।🔥 वायरल हैशटैग

#BetulNews #Betul #KisanNews #Kharif2026 #AgricultureNews #Urea #DAP #NPK #Farmers #JaiKisan #MPNews #MadhyaPradesh #KisanUpdate #AgriNews #FertilizerUpdate #Soybean #Maize #Paddy #FarmerSupport #BetulBreaking #RuralIndia #IndianFarmers #TrendingNews #ViralPost #KisanSamman
#BetulNews #KisanNews #Urea #DAP #Kharif2026JaiKisan 🚜🌾

बैतूल खरीफ सीजन के लिए जिले में यूरिया एवं एन.पी.के. उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण बैतूल, जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है। सोमवार को जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के माध्यम से देर शाम 7.16 मीनट पर जानकारी देते हुए उप संचालक कृषि श्री राम गोपाल रजक ने बताया कि इस वर्ष जिले में खरीफ फसलों की बोनी का लक्ष्य 4 लाख 56 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से 3 लाख हेक्टेयर में मक्का, 95 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन, 44 हजार हेक्टेयर में धान, 6 हजार हेक्टेयर में अरहर तथा शेष क्षेत्र में अन्य फसलें बोई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की पहल पर इस वर्ष किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में जिले में कुल 52 हजार 120 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है, जिसमें से 34 हजार 331 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है तथा 17 हजार 789 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसी प्रकार जिले में एन.पी.के. उर्वरक का कुल 11 हजार 519 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। इसमें से 5 हजार 524 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है तथा 5 हजार 995 मीट्रिक टन एन.पी.के. शेष है। उप संचालक कृषि ने बताया कि डी.ए.पी. उर्वरक का कुल 7 हजार 956 मीट्रिक टन भंडारण किया गया, जिसमें से 7 हजार 293 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में 663 मीट्रिक टन डी.ए.पी. उपलब्ध है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि बोनी के दौरान आधार खाद के रूप में एन.पी.के. उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे फसलों को संतुलित पोषण प्राप्त हो सके और उत्पादन में वृद्धि हो। सोशल मीडिया पर किसानों और आम लोगों तक तेजी से पहुंचने के लिए यह वायरल पोस्ट तैयार है— 🌾🚜 बैतूल के किसानों के लिए बड़ी राहत! खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले में यूरिया, एन.पी.के. और डीएपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। जिला प्रशासन ने किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए पहले से ही व्यापक इंतजाम किए हैं। 📌 जिले में खरीफ फसलों का लक्ष्य – 4.56 लाख हेक्टेयर 🌽 मक्का – 3 लाख हेक्टेयर 🫘 सोयाबीन – 95 हजार हेक्टेयर 🌾 धान – 44 हजार हेक्टेयर 🌱 अरहर – 6 हजार हेक्टेयर 📦 उर्वरक उपलब्धता की स्थिति: ✅ यूरिया – 17,789 मीट्रिक टन उपलब्ध ✅ एन.पी.के. – 5,995 मीट्रिक टन उपलब्ध ✅ डीएपी – 663 मीट्रिक टन उपलब्ध कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि बोनी के समय आधार खाद के रूप में एन.पी.के. उर्वरकों का अधिक उपयोग करें, जिससे फसलों को संतुलित पोषण मिले और उत्पादन बढ़े। 🌱 समय पर खाद, बेहतर फसल और किसानों के चेहरे पर मुस्कान... यही है प्रशासन की तैयारी! 👉 किसान भाईयों तक यह जानकारी जरूर पहुंचाएं।🔥 वायरल हैशटैग #BetulNews #Betul #KisanNews #Kharif2026 #AgricultureNews #Urea #DAP #NPK #Farmers #JaiKisan #MPNews #MadhyaPradesh #KisanUpdate #AgriNews #FertilizerUpdate #Soybean #Maize #Paddy #FarmerSupport #BetulBreaking #RuralIndia #IndianFarmers #TrendingNews #ViralPost #KisanSamman #BetulNews #KisanNews #Urea #DAP #Kharif2026JaiKisan 🚜🌾

Betul Nagar, Betul | Jun 23, 2026

बैतूल"कम बारिश का अलर्ट: मूंग-उड़द बोएं किसान, खाद वितरण में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई"

बैतूल में संभावित कम बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। उपरोक्त जानकारी जनसंपर्क कार्यालय द्वारा सोमवार 6:30 बजे के लगभग प्रेस नोट के माध्यम से दी गई जिसमें बताया गया कि
एलनीनो के प्रभाव और सामान्य से कम बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को कम अवधि वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार जिले में मूंग, उड़द, तिल और अरहर की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। इन फसलों के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता होने पर ही धान की खेती करने की सलाह दी गई है।
बैठक में प्राकृतिक खेती, मिलेट्स और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने किसानों को आधुनिक और सफल कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए किसान भ्रमण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही इंटरक्रॉपिंग और वैकल्पिक खेती के मॉडल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई।
खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी समितियों के माध्यम से खाद वितरण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने चेतावनी दी कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद खाद का ट्रांसफर नहीं करने वाले थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खाद से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
#Betul #BetulNews #KisanNews #FarmerAlert #Monsoon2026 #RainAlert #AgricultureNews #NaturalFarming #MilletsMission #CropDiversification #Moong #Urad #Til #KharifSeason #FarmersFirst #MPNews #MadhyaPradesh #KisanSamman #AgriUpdate #BetulBreaking #ViralNews #TrendingNews #KisanKiBaat #JaiKisan #IndianFarmers

बैतूल"कम बारिश का अलर्ट: मूंग-उड़द बोएं किसान, खाद वितरण में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई" बैतूल में संभावित कम बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। उपरोक्त जानकारी जनसंपर्क कार्यालय द्वारा सोमवार 6:30 बजे के लगभग प्रेस नोट के माध्यम से दी गई जिसमें बताया गया कि एलनीनो के प्रभाव और सामान्य से कम बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को कम अवधि वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार जिले में मूंग, उड़द, तिल और अरहर की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। इन फसलों के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता होने पर ही धान की खेती करने की सलाह दी गई है। बैठक में प्राकृतिक खेती, मिलेट्स और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने किसानों को आधुनिक और सफल कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए किसान भ्रमण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही इंटरक्रॉपिंग और वैकल्पिक खेती के मॉडल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई। खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी समितियों के माध्यम से खाद वितरण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने चेतावनी दी कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद खाद का ट्रांसफर नहीं करने वाले थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खाद से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। #Betul #BetulNews #KisanNews #FarmerAlert #Monsoon2026 #RainAlert #AgricultureNews #NaturalFarming #MilletsMission #CropDiversification #Moong #Urad #Til #KharifSeason #FarmersFirst #MPNews #MadhyaPradesh #KisanSamman #AgriUpdate #BetulBreaking #ViralNews #TrendingNews #KisanKiBaat #JaiKisan #IndianFarmers

Huzur, Bhopal | Jun 23, 2026

Latest Indianfarmers News Videos - Watch the Latest News of July 17, 2026 | Public App