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हिंदू-मुस्लिम ने पेश की कौमी एकता की मिसाल | रानीपुर का मोहर्रम जुलूस हुआ वायरल

#Muharram2026 #YaHussain #Ranipur #Bahraich #fariyadali #fariyadalireport #Karbala #ImamHussain

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Bahraich, Bahraich | Jun 25, 2026

Karbala History: शब-ए-आशूर की दास्तान‚ मासूमो प्यास और आख़िरी पहरा | 9 Muharram | Imam Hussain

🚨 9 मुहर्रम: शब-ए-आशूर की वो दर्दनाक रात, जब हुसैनी ख़ीमों में चराग़ बुझा दिया गया था... 🖤
मुहर्रम की नौवीं तारीख़ आ चुकी है... कर्बला के तपते हुए सहरा (रेगिस्तान) में ज़ुल्म और सितम की इन्तिहा होने वाली है। यह वो दिन है जिसे इतिहास 'यौम-ए-तासूआ' कहता है। हुसैनी कुनबे (परिवार) पर पानी बंद हुए तीन दिन गुज़र चुके हैं। 6 महीने के अली असग़र से लेकर 4 साल की मासूम जनाब-ए-सकीना तक, प्यास की शिद्दत से बिलख रहे हैं।

⚔️ हज़रत अब्बास की वफ़ा और अमान-नामे को ठोकर:
9 मुहर्रम की दोपहर जब ज़ालिम शिम्र यज़ीद की तरफ़ से 'अमान-नामा' (जान की भीख) लेकर आया और हज़रत अब्बास (अ.स.) से कहा कि हुसैन का साथ छोड़ दो तो तुम्हारी जान बख्श दी जाएगी, तब शेर-ए-ख़ुदा के बेटे का ख़ून खौल उठा! उन्होंने उस कागज़ को ठोकर मार दी और फ़रमाया—

"ला'नत हो तुझ पर और तेरी अमान पर! तू हमें अमान देता है और रसूल के नवासे, फ़ातिमा के लाल के लिए कोई अमान नहीं? हम जीते जी अपने भाई और अपने इमाम को तन्हा छोड़ दें? यह कभी नहीं हो सकता!"

🌙 वो आख़िरी रात और चराग़ का बुझाया जाना:
जब यज़ीदी फ़ौज हमला करने बढ़ी, तो इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपनी जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने रब की इबादत, नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के लिए सिर्फ़ एक रात की मोहलत मांगी।

यह 9 मुहर्रम की वो आख़िरी रात थी जिसे 'शब-ए-आशूर' कहा जाता है। मौला हुसैन ने ख़ीमे का चराग़ (दीया) बुझाकर अपने साथियों से कहा था—"रात का अंधेरा है, जिसे जाना है वो चला जाए, ये लोग सिर्फ़ मेरी जान के दुश्मन हैं।" लेकिन वफ़ादारों ने रोकर कहा—"मौला! अगर हमें सत्तर बार भी शहीद किया जाए, तब भी हम आपका साथ नहीं छोड़ेंगे।"

उस रात ख़ीमों के बाहर हज़रत अब्बास (अ.स.) नंगी तलवार हाथ में लिए पहरा दे रहे थे, यह जानते हुए कि यह पहरेदारी की आख़िरी रात है और अगले दिन (10 मुहर्रम) उन्हें बच्चों के पानी के लिए अपने दोनों बाजू कटवाने हैं।

सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो अब्बास पर, और सलाम हो कर्बला के उन 72 जांनिसारों पर जिन्होंने भूख और प्यास की हालत में इस्लाम को हमेशा के लिए ज़िंदा कर दिया। 🙏

👇 अपनी अक़ीदत के फूल पेश करें:
कमेंट बॉक्स में 'या हुसैन' (Ya Hussain) ज़रूर लिखें और इस रूहानी इतिहास को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करके हुसैनियत का पैग़ाम हर घर तक पहुँचाएं।

#9Muharram #ShabeAshura #KarbalaHistory #ImamHussain #HazratAbbas #YaHussain #IslamicHistory #DastakLiveNews #Muharram2026

Karbala History: शब-ए-आशूर की दास्तान‚ मासूमो प्यास और आख़िरी पहरा | 9 Muharram | Imam Hussain 🚨 9 मुहर्रम: शब-ए-आशूर की वो दर्दनाक रात, जब हुसैनी ख़ीमों में चराग़ बुझा दिया गया था... 🖤 मुहर्रम की नौवीं तारीख़ आ चुकी है... कर्बला के तपते हुए सहरा (रेगिस्तान) में ज़ुल्म और सितम की इन्तिहा होने वाली है। यह वो दिन है जिसे इतिहास 'यौम-ए-तासूआ' कहता है। हुसैनी कुनबे (परिवार) पर पानी बंद हुए तीन दिन गुज़र चुके हैं। 6 महीने के अली असग़र से लेकर 4 साल की मासूम जनाब-ए-सकीना तक, प्यास की शिद्दत से बिलख रहे हैं। ⚔️ हज़रत अब्बास की वफ़ा और अमान-नामे को ठोकर: 9 मुहर्रम की दोपहर जब ज़ालिम शिम्र यज़ीद की तरफ़ से 'अमान-नामा' (जान की भीख) लेकर आया और हज़रत अब्बास (अ.स.) से कहा कि हुसैन का साथ छोड़ दो तो तुम्हारी जान बख्श दी जाएगी, तब शेर-ए-ख़ुदा के बेटे का ख़ून खौल उठा! उन्होंने उस कागज़ को ठोकर मार दी और फ़रमाया— "ला'नत हो तुझ पर और तेरी अमान पर! तू हमें अमान देता है और रसूल के नवासे, फ़ातिमा के लाल के लिए कोई अमान नहीं? हम जीते जी अपने भाई और अपने इमाम को तन्हा छोड़ दें? यह कभी नहीं हो सकता!" 🌙 वो आख़िरी रात और चराग़ का बुझाया जाना: जब यज़ीदी फ़ौज हमला करने बढ़ी, तो इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपनी जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने रब की इबादत, नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के लिए सिर्फ़ एक रात की मोहलत मांगी। यह 9 मुहर्रम की वो आख़िरी रात थी जिसे 'शब-ए-आशूर' कहा जाता है। मौला हुसैन ने ख़ीमे का चराग़ (दीया) बुझाकर अपने साथियों से कहा था—"रात का अंधेरा है, जिसे जाना है वो चला जाए, ये लोग सिर्फ़ मेरी जान के दुश्मन हैं।" लेकिन वफ़ादारों ने रोकर कहा—"मौला! अगर हमें सत्तर बार भी शहीद किया जाए, तब भी हम आपका साथ नहीं छोड़ेंगे।" उस रात ख़ीमों के बाहर हज़रत अब्बास (अ.स.) नंगी तलवार हाथ में लिए पहरा दे रहे थे, यह जानते हुए कि यह पहरेदारी की आख़िरी रात है और अगले दिन (10 मुहर्रम) उन्हें बच्चों के पानी के लिए अपने दोनों बाजू कटवाने हैं। सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो अब्बास पर, और सलाम हो कर्बला के उन 72 जांनिसारों पर जिन्होंने भूख और प्यास की हालत में इस्लाम को हमेशा के लिए ज़िंदा कर दिया। 🙏 👇 अपनी अक़ीदत के फूल पेश करें: कमेंट बॉक्स में 'या हुसैन' (Ya Hussain) ज़रूर लिखें और इस रूहानी इतिहास को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करके हुसैनियत का पैग़ाम हर घर तक पहुँचाएं। #9Muharram #ShabeAshura #KarbalaHistory #ImamHussain #HazratAbbas #YaHussain #IslamicHistory #DastakLiveNews #Muharram2026

Parliament Street, New Delhi | Jun 25, 2026

कर्बला के शहीदों की याद में निकले जुलूस में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब।
काले लिबास में लोगों ने मातम कर पेश की अकीदत, छोटे बच्चे भी रहे शामिल।
शेखसराय इमामबाड़े से शुरू हुआ जुलूस मुगली टोला स्थित शिया इमामबाड़े पहुंचकर हुआ संपन्न।
पूरे रास्ते नौहा और मातम के साथ गूंजता रहा माहौल।
#Muharram #Muharram2026 #ImamHussain #Karbala #KarbalaMartyrs #Azadari #Anjuman #KhiriTown #LakhimpurKheri #KheriNews  #LakhimpurKheriNews #UttarPradesh #UPNews #ReligiousEvent #Nauha #Matam #YaHussain #IslamicEvent

कर्बला के शहीदों की याद में निकले जुलूस में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब। काले लिबास में लोगों ने मातम कर पेश की अकीदत, छोटे बच्चे भी रहे शामिल। शेखसराय इमामबाड़े से शुरू हुआ जुलूस मुगली टोला स्थित शिया इमामबाड़े पहुंचकर हुआ संपन्न। पूरे रास्ते नौहा और मातम के साथ गूंजता रहा माहौल। #Muharram #Muharram2026 #ImamHussain #Karbala #KarbalaMartyrs #Azadari #Anjuman #KhiriTown #LakhimpurKheri #KheriNews #LakhimpurKheriNews #UttarPradesh #UPNews #ReligiousEvent #Nauha #Matam #YaHussain #IslamicEvent

Lakhimpur, Lakhimpur Kheri | Jun 24, 2026

Karbala History: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए पर मश्कीज़ा नहीं छोड़ा! | 8 Muharram | Abbas

फेसबुक के ऑडियंस को इमोशनल कनेक्ट, पूरी कहानी का छोटा सा ओवरव्यू और साफ-सुथरा लेआउट पसंद आता है। फेसबुक पर वीडियो वायरल करने के लिए टेक्स्ट थोड़ा डिटेल में होना चाहिए ताकि लोग पढ़ते ही वीडियो प्ले कर दें।

यहाँ आपके पेज के लिए 2 बेहतरीन फेसबुक वायरल पोस्ट के ऑप्शंस हैं:

Option 1: इमोशनल और वीडियो-फोकस (सबसे ज्यादा शेयर होने वाला)
8 मोहर्रम: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए, पर वफ़ा का परचम नहीं झुका! 😭💔

आज मोहर्रम की आठवीं तारीख है। यह वो दिन है जब कर्बला के तपते मैदान में तीन दिन की भूख-प्यास अपनी इन्तेहा (हद) पर थी। जब 4 साल की मासूम बीबी सकीना ने अपना सूखा हुआ मश्कीज़ा (पानी का थैला) अपने चचा अब्बास के हाथों में दिया, तो शेरे-खुदा के बेटे का दिल तड़प उठा।

हज़रत अब्बास अलमदार (अ.स.) यज़ीदी फ़ौज के हज़ारों सिपाहियों को चीरते हुए फरात नदी पर पहुंचे, मश्कीज़ा भरा... लेकिन खुद एक कतरा पानी नहीं पिया, क्योंकि भाई हुसैन और खैमों के बच्चे प्यासे थे!

पर जब वो वापस लौट रहे थे, तो ज़ालिमों ने छुपकर वार किया। गाज़ी अब्बास के दोनों बाज़ू काट दिए गए, मश्कीज़े पर तीर मारा गया... पानी बह गया और साथ ही मासूम सकीना की उम्मीदें भी टूट गईं।

गाज़ी अब्बास की शहादत और 8 मोहर्रम का यह दर्द भरा इतिहास रूह को कंपा देने वाला है। 'दस्तक लाइव न्यूज़' की इस खास वीडियो को पूरा देखें और वफ़ा की इस अज़ीम दास्तान को आगे बढ़ाएं।

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Karbala History: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए पर मश्कीज़ा नहीं छोड़ा! | 8 Muharram | Abbas फेसबुक के ऑडियंस को इमोशनल कनेक्ट, पूरी कहानी का छोटा सा ओवरव्यू और साफ-सुथरा लेआउट पसंद आता है। फेसबुक पर वीडियो वायरल करने के लिए टेक्स्ट थोड़ा डिटेल में होना चाहिए ताकि लोग पढ़ते ही वीडियो प्ले कर दें। यहाँ आपके पेज के लिए 2 बेहतरीन फेसबुक वायरल पोस्ट के ऑप्शंस हैं: Option 1: इमोशनल और वीडियो-फोकस (सबसे ज्यादा शेयर होने वाला) 8 मोहर्रम: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए, पर वफ़ा का परचम नहीं झुका! 😭💔 आज मोहर्रम की आठवीं तारीख है। यह वो दिन है जब कर्बला के तपते मैदान में तीन दिन की भूख-प्यास अपनी इन्तेहा (हद) पर थी। जब 4 साल की मासूम बीबी सकीना ने अपना सूखा हुआ मश्कीज़ा (पानी का थैला) अपने चचा अब्बास के हाथों में दिया, तो शेरे-खुदा के बेटे का दिल तड़प उठा। हज़रत अब्बास अलमदार (अ.स.) यज़ीदी फ़ौज के हज़ारों सिपाहियों को चीरते हुए फरात नदी पर पहुंचे, मश्कीज़ा भरा... लेकिन खुद एक कतरा पानी नहीं पिया, क्योंकि भाई हुसैन और खैमों के बच्चे प्यासे थे! पर जब वो वापस लौट रहे थे, तो ज़ालिमों ने छुपकर वार किया। गाज़ी अब्बास के दोनों बाज़ू काट दिए गए, मश्कीज़े पर तीर मारा गया... पानी बह गया और साथ ही मासूम सकीना की उम्मीदें भी टूट गईं। गाज़ी अब्बास की शहादत और 8 मोहर्रम का यह दर्द भरा इतिहास रूह को कंपा देने वाला है। 'दस्तक लाइव न्यूज़' की इस खास वीडियो को पूरा देखें और वफ़ा की इस अज़ीम दास्तान को आगे बढ़ाएं। #8Muharram #HazratAbbas #Shahadat #KarbalaKaWaqia #ImamHussain #Muharram2026 #DastakLiveNews #YaHussain #ViralVideo

Parliament Street, New Delhi | Jun 24, 2026

Kanpur: परमपुरवा में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, 7 मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न | Muharram 2026

📍 परमपुरवा में 7 मोहर्रम का मेंहदी जुलूस, अमन और भाईचारे की बनी मिसाल

कानपुर के परमपुरवा इलाके में मंगलवार 23 जून की रात 7 मोहर्रम का पारंपरिक मेंहदी जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। मदरसा गरीब नवाज से शुरू हुआ यह जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जूही नहरिया पहुंचकर संपन्न हुआ।

जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं और गम-ए-कर्बला का जज्बा देखने को मिला। बच्चों, बुजुर्गों और नौजवानों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की।

🌹 नोमान टेंट हाउस बना चर्चा का केंद्र

जुलूस के दौरान नोमान टेंट हाउस द्वारा किए गए खास इस्तकबाल ने लोगों का दिल जीत लिया। यहां अकीदतमंदों के लिए लंगर का विशेष इंतजाम किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर हासिल किया और खिदमत में जुटे लोगों की सराहना की।

🤝 अमन और सौहार्द का संदेश

जुलूस के दौरान हर समुदाय के लोगों ने सहयोग किया। रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों के आसपास भी शांति और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। जूही पुलिस की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

❤️ कर्बला का पैगाम सिर्फ एक इतिहास नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और इंसाफ की ऐसी सीख है जो आज भी दुनिया को राह दिखाती है।

📹 वीडियो देखें, शेयर करें और कमेंट में लिखें:

"या हुसैन (अ.स.)"

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Kanpur: परमपुरवा में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, 7 मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न | Muharram 2026 📍 परमपुरवा में 7 मोहर्रम का मेंहदी जुलूस, अमन और भाईचारे की बनी मिसाल कानपुर के परमपुरवा इलाके में मंगलवार 23 जून की रात 7 मोहर्रम का पारंपरिक मेंहदी जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। मदरसा गरीब नवाज से शुरू हुआ यह जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जूही नहरिया पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं और गम-ए-कर्बला का जज्बा देखने को मिला। बच्चों, बुजुर्गों और नौजवानों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की। 🌹 नोमान टेंट हाउस बना चर्चा का केंद्र जुलूस के दौरान नोमान टेंट हाउस द्वारा किए गए खास इस्तकबाल ने लोगों का दिल जीत लिया। यहां अकीदतमंदों के लिए लंगर का विशेष इंतजाम किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर हासिल किया और खिदमत में जुटे लोगों की सराहना की। 🤝 अमन और सौहार्द का संदेश जुलूस के दौरान हर समुदाय के लोगों ने सहयोग किया। रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों के आसपास भी शांति और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। जूही पुलिस की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। ❤️ कर्बला का पैगाम सिर्फ एक इतिहास नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और इंसाफ की ऐसी सीख है जो आज भी दुनिया को राह दिखाती है। 📹 वीडियो देखें, शेयर करें और कमेंट में लिखें: "या हुसैन (अ.स.)" #7Muharram #Muharram2026 #ParamPurwa #Kanpur #NoomanTentHouse #YaHussain #Karbala #MuharramJuloos #Azadari #ImamHussain #Juhi #KanpurNews #Moharram #FacebookViral #IndiaNews #BreakingNews #ViralPost #AmanAurBhaichara #ShiaCommunity #KarbalaMessage

Parliament Street, New Delhi | Jun 24, 2026

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