
🚨 क्या आपको याद है वह दिन, जब लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई थी? 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब देश पर आपातकाल थोपकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचल दिया गया। लाखों लोकतंत्र प्रेमियों और एक लाख से अधिक राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हजारों स्वयंसेवकों सहित अनेक लोकतंत्र सेनानियों ने कठिन यातनाएं सहकर भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा। हिमाचल प्रदेश के 81 लोकतंत्र सेनानियों का योगदान भी अविस्मरणीय है। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, राधा रमण शास्त्री, मोहिंदर नाथ सोफत, कंवर दुर्गा चंद और श्यामा शर्मा जैसे योद्धाओं का त्याग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। आज "संविधान हत्या दिवस" पर हम उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने अपने संघर्ष, साहस और बलिदान से लोकतंत्र की ज्योति को बुझने नहीं दिया। लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिया गया हर बलिदान राष्ट्र सदैव याद रखेगा। — डॉ. जनक राज विधायक, भरमौर-पांगी #SamvidhanHatyaDiwas #Emergency1975 #IndianDemocracy #DemocracyMatters #NeverForget1975 #ConstitutionOfIndia #DemocraticValues #IndiaHistory #TributeToDemocracy #BharmaurPangi #HimachalPradesh #DemocracyWarriors
Saach, Chamba | Jun 25, 2026

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होना लोकतंत्र पर हमला: सुरजीत शर्मा भरमौरी शिव सूर्यवंशी चम्बा, 10 जून। जिला कांग्रेस कमेटी चम्बा के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करने वाला मामला बताया है। जारी बयान में सुरजीत शर्मा ने कहा कि यह केवल किसी एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न हुए हैं, जिससे आम नागरिकों का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि "यह केवल वोट चोरी का मामला नहीं, बल्कि राज्यसभा सीट चोरी करने का प्रयास प्रतीत होता है।" उनके अनुसार जिस प्रकार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया गया, उससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। सुरजीत शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा स्वयं को महिला सशक्तिकरण और महिला सम्मान की पक्षधर बताती है, लेकिन एक शिक्षित, गांधीवादी विचारधारा से जुड़ी महिला नेता और जेएनयू की पूर्व स्कॉलर मीनाक्षी नटराजन के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, वह उसके दावों की वास्तविकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में ऐसे कई लोग संसद और विधानसभाओं तक पहुंच चुके हैं जिन पर गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप रहे हैं, जबकि एक गांधीवादी सोच रखने वाली महिला नेता को संसदीय राजनीति में प्रवेश से रोकने के लिए विभिन्न प्रकार की बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम ने आयोग की निष्पक्षता को लेकर बहस छेड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की तरह कार्य करना चाहिए ताकि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले नागरिक इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय से निष्पक्ष न्याय की अपेक्षा रखते हैं। उन्हें विश्वास है कि न्यायपालिका संविधान की भावना, लोकतांत्रिक परंपराओं और नागरिक अधिकारों की रक्षा करते हुए उचित निर्णय देगी। सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से सत्य, न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी लोकतंत्र को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। बाइट: सुरजीत शर्मा भरमौरी, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी चम्बा। #Chamba #Congress #SurjeetSharma #MeenakshiNatarajan #RajyaSabha #Democracy #IndianPolitics #ElectionCommission #Constitution #SupremeCourt #PoliticalNews #HimachalPradesh #CongressParty #DemocraticValues #BreakingNews हिम संदेश Adv Surjeet Sharma Bharmouri
Saach, Chamba | Jun 10, 2026