गोंडा में अवैध ब्लड बैंक सिंडिकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई उस मामले में हुई है जिसमें एक 9 वर्षीय बच्ची को कथित तौर पर एक्सपायरी ब्लड चढ़ाए जाने के बाद उसकी मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें अवैध ब्लड सप्लाई के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफोड़ हुआ।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान 253 फर्जी ब्लड बैंक कार्ड, सिरिंज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अवैध नेटवर्क बलरामपुर से लेकर गोंडा तक सक्रिय था और नियमों को दरकिनार कर रक्त की आपूर्ति की जा रही थी।
जांच में आशा देव हॉस्पिटल के डॉक्टरों की कथित लापरवाही भी सामने आई है। आरोप है कि इसी लापरवाही के चलते मासूम बच्ची की जान चली गई। मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक गोंडा के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि अवैध ब्लड कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जांच के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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Gonda, Gonda | Jul 12, 2026