भोजपुर एनकाउंटर को लेकर गया जिला जदयू नेता ने रखा पक्ष, कहा- अपराधियों की कोई जाति नहीं होती
गया। भोजपुर में हुए चर्चित एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष सह नगर प्रखंड 20 सूत्री कार्यक्रम समिति सदस्य रंजीत कुशवाहा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी को समाजसेवी बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उसके सोशल मीडिया और गतिविधियों को देखने से अलग तस्वीर सामने आती है।
गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि भरत तिवारी पहले से ही आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार विरोधी पोस्ट के साथ-साथ हथियार लहराते हुए कई वीडियो मौजूद हैं। ऐसे व्यक्ति को समाजसेवी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं रिवॉल्वर लेकर चलता हो और पुलिस के सामने हथियार तानता दिखाई देता हो, वह समाज सेवा नहीं बल्कि कानून को चुनौती देने का काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया था, लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि भरत तिवारी की ओर से भी गोलीबारी की गई। ऐसे में पुलिस को अपनी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस पर हथियार तानता है और गोली चलाने की क्षमता रखता है, तो पुलिस के पास कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।
सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप, सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन
प्रेस वार्ता के दौरान रंजीत कुशवाहा ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश रची जा रही है, लेकिन इससे उनके राजनीतिक कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, उससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम सरकार कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अपराध को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है, न कि उसकी जाति या समुदाय से। इसलिए किसी भी आपराधिक मामले को जातीय या राजनीतिक रंग देना समाज और कानून दोनों के हित में नहीं है।
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Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 25, 2026