
सरकारी योजनाओं का झांसा, महिलाओं के नाम पर खुले फर्जी खाते आधार कार्ड के दुरुपयोग से लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा घूरपुर में 50 से अधिक महिलाएं साइबर जालसाजी की शिकार, जांच शुरू ✒️रिपोर्ट सुनील यादव प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दर्जनों महिलाओं के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। मामला उजागर होने के बाद पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। सरकारी योजनाओं के नाम पर रचा गया साइबर जाल प्राप्त जानकारी के अनुसार, घूरपुर क्षेत्र के बिरवल, कंजासा और जगदीशपुर गांवों की 50 से अधिक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने उनके आधार कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र किए गए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए तथा विभिन्न बैंकों में खाते संचालित किए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिलाएं जन सेवा केंद्र पर बैंकिंग कार्य कराने पहुंचीं। आधार सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से पहले से खाते संचालित हैं और उनमें लाखों रुपये का लेनदेन दर्ज है। 2 से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन की जानकारी जांच के दौरान सामने आया कि कई महिलाओं के खातों में 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की रकम जमा हुई और तुरंत निकासी भी कर ली गई। महिलाओं का कहना है कि उन्हें इन खातों, लेनदेन या बैंकिंग गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक, फिनो बैंक, बंधन बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच पीड़ित महिलाओं तथा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि महिलाओं के आधार कार्ड से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खाते और सिम कार्ड तत्काल बंद किए जाएं तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। महिलाओं में भय और आक्रोश मामला सामने आने के बाद प्रभावित गांवों में महिलाओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई महिलाएं आशंकित हैं कि उनके नाम का इस्तेमाल भविष्य में किसी और वित्तीय या कानूनी गतिविधि में न किया जाए। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए। वायरल फैक्ट सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे ग्रामीण महिलाओं के आधार कार्ड और दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये के लेनदेन किए गए और लंबे समय तक इसकी जानकारी संबंधित खाताधारकों को नहीं हो सकी। घूरपुर का यह मामला डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय धोखाधड़ी का मामला नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध होगा। अब सभी की निगाहें साइबर जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ND NEWS की अपील 🔹 किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। 🔹 समय-समय पर अपने बैंक खातों और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच अवश्य करें। 🔹 जन सेवा केंद्र या बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाते की स्थिति की जानकारी लेते रहें। 🔹 साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। 🔹 प्रशासन और बैंकिंग संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ND NEWS संदेश: "डिजिटल सुविधा तभी सुरक्षित है जब नागरिक जागरूक हों और संस्थाएं जवाबदेह। साइबर अपराध के खिलाफ सामूहिक सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #Ghoorpur #CyberCrime #CyberFraud #AadhaarMisuse #WomenSafety #DigitalFraud #CyberAwareness #UPPolice #NDNewsChannel 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj @Cyberdost @Igrs_up @_DigitalIndia 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ताओं एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच साइबर क्राइम विभाग द्वारा की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

सरकारी योजनाओं का झांसा, महिलाओं के नाम पर खुले फर्जी खाते आधार कार्ड के दुरुपयोग से लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा घूरपुर में 50 से अधिक महिलाएं साइबर जालसाजी की शिकार, जांच शुरू ✒️रिपोर्ट सुनील यादव प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दर्जनों महिलाओं के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। मामला उजागर होने के बाद पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। सरकारी योजनाओं के नाम पर रचा गया साइबर जाल प्राप्त जानकारी के अनुसार, घूरपुर क्षेत्र के बिरवल, कंजासा और जगदीशपुर गांवों की 50 से अधिक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने उनके आधार कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र किए गए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए तथा विभिन्न बैंकों में खाते संचालित किए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिलाएं जन सेवा केंद्र पर बैंकिंग कार्य कराने पहुंचीं। आधार सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से पहले से खाते संचालित हैं और उनमें लाखों रुपये का लेनदेन दर्ज है। 2 से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन की जानकारी जांच के दौरान सामने आया कि कई महिलाओं के खातों में 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की रकम जमा हुई और तुरंत निकासी भी कर ली गई। महिलाओं का कहना है कि उन्हें इन खातों, लेनदेन या बैंकिंग गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक, फिनो बैंक, बंधन बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच पीड़ित महिलाओं तथा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि महिलाओं के आधार कार्ड से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खाते और सिम कार्ड तत्काल बंद किए जाएं तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। महिलाओं में भय और आक्रोश मामला सामने आने के बाद प्रभावित गांवों में महिलाओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई महिलाएं आशंकित हैं कि उनके नाम का इस्तेमाल भविष्य में किसी और वित्तीय या कानूनी गतिविधि में न किया जाए। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए। वायरल फैक्ट सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे ग्रामीण महिलाओं के आधार कार्ड और दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये के लेनदेन किए गए और लंबे समय तक इसकी जानकारी संबंधित खाताधारकों को नहीं हो सकी। घूरपुर का यह मामला डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय धोखाधड़ी का मामला नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध होगा। अब सभी की निगाहें साइबर जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ND NEWS की अपील 🔹 किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। 🔹 समय-समय पर अपने बैंक खातों और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच अवश्य करें। 🔹 जन सेवा केंद्र या बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाते की स्थिति की जानकारी लेते रहें। 🔹 साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। 🔹 प्रशासन और बैंकिंग संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ND NEWS संदेश: "डिजिटल सुविधा तभी सुरक्षित है जब नागरिक जागरूक हों और संस्थाएं जवाबदेह। साइबर अपराध के खिलाफ सामूहिक सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #Ghoorpur #CyberCrime #CyberFraud #AadhaarMisuse #WomenSafety #DigitalFraud #CyberAwareness #UPPolice #NDNewsChannel 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj @Cyberdost @Igrs_up @_DigitalIndia 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ताओं एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच साइबर क्राइम विभाग द्वारा की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026