
3-4 महीने में ही दरक गई ₹8.13 लाख की नई पीसीसी सड़क, नगर पंचायत के निर्माण कार्य पर उठे सवाल संवदिया न्यूज (अररिया) – बिहार रानीगंज (अररिया)। नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत नगर पंचायत रानीगंज के वार्ड संख्या-07 में लगभग ₹8,13,500 की लागत से निर्मित पीसीसी (PCC) सड़क महज़ 3 से 4 महीने के भीतर ही जगह-जगह से दरकने लगी है। सड़क पर आई लंबी दरारों और किनारों के टूटने की तस्वीरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर दिखाई दे रही स्थिति के अनुसार सड़क के बीच और किनारों पर स्पष्ट दरारें पड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था, लेकिन पहली ही बारिश और सामान्य आवागमन के बाद इसकी सतह टूटने लगी। शिलापट्ट के अनुसार यह योजना "नगर पंचायत रानीगंज अंतर्गत वार्ड संख्या-07 में नगर मुख्यालय मुख्य सड़क से गुड्डू यादव के घर से मायानंद यादव के घर तक PCC सड़क निर्माण कार्य" के लिए स्वीकृत की गई थी। योजना की प्राक्कलित राशि ₹8,13,500 थी। शिलापट्ट के अनुसार इसका शिलान्यास मुख्य पार्षद श्रीमती रूपा देवी द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उप मुख्य पार्षद श्रीमती सुभद्रा देवी, वार्ड पार्षद श्री बीरेन्द्र मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अतिथि उपस्थित थे। निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क से वर्षों तक टिकाऊ रहने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में कुछ ही महीनों में सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो सड़क इतनी जल्दी नहीं टूटती। कार्यपालक पदाधिकारी से लेकर निर्माण एजेंसी तक पर उठ रहे सवाल सड़क की वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, निर्माण एजेंसी (संवेदक) तथा निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी से जुड़े संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी अधिकारी, अभियंता या संवेदक की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा नगर पंचायत रानीगंज से मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। योजना का विवरण (शिलापट्ट के अनुसार) योजना: नगर पंचायत रानीगंज, वार्ड संख्या-07 में नगर मुख्यालय मुख्य सड़क से गुड्डू यादव के घर से मायानंद यादव के घर तक PCC सड़क निर्माण कार्य। प्राक्कलित राशि: ₹8,13,500 विभाग: नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार #Raniganj #RaniganjNagarPanchayat #Ward07 #Araria #Bihar #BiharNews #ArariaNews #PCCRoad #RoadConstruction #RoadQuality #NagarPanchayat #UrbanDevelopment #PublicMoney #Development #Investigation #BreakingNews #LocalNews #संवदिया_न्यूज #रानीगंज #नगर_पंचायत #अररिया #बिहार #सड़क_निर्माण #पीसीसी_सड़क #गुणवत्ता #जांच_की_मांग #भ्रष्टाचार #विकास_की_पोल #Follow #Followers
Raniganj, Araria | Aug 4, 2026

सरकार ने ठुकराया, भोले दानी ने वह काम करके दिखाया — 79 साल बाद गांव को मिली सड़क, खुशी से झूम उठे ग्रामीण। #भोलेदानी #तेयारपंचायत #गांव_का_विकास #सड़क_निर्माण #जनसेवा #विकास_की_राह #बदलतागांव #बिहार #Nawada #NewsExpress26 #reporteankit27 Part 1
Nawada, Nawada | Jul 28, 2026

सरकार ने ठुकराया, भोले दानी ने वह काम करके दिखाया — 79 साल बाद गांव को मिली सड़क, खुशी से झूम उठे ग्रामीण। #भोलेदानी #तेयारपंचायत #गांव_का_विकास #सड़क_निर्माण #जनसेवा #विकास_की_राह #बदलतागांव #बिहार #Nawada #NewsExpress26 #reporteankit27
Nawada, Nawada | Jul 28, 2026

🚨 अम्बाला जिले के सोहाता गांव में सड़क निर्माण पर गंभीर सवाल! 🚨 जनता ने सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री की पोल खोल दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा मिट्टी को उखाड़कर उसी में सीमेंट मिलाकर घटिया गुणवत्ता की ईंटें लगाई जा रही थीं। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर केवल औपचारिक कार्रवाई की। कुछ निर्माण कार्य हटाया गया, लेकिन न तो ठेकेदार का टेंडर रद्द किया गया और न ही कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे घटिया निर्माण सामग्री पर प्रभावी रोक लगाई गई। आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि मामला उजागर होने के बाद सड़क निर्माण का कार्य अचानक बंद कर दिया गया। अब लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी अपना पक्ष बचाने के लिए जनता को गुमराह कर रहे हैं। 📢 ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा यदि अनियमितताएं सिद्ध हों तो टेंडर रद्द कर सरकारी धन की क्षति की भरपाई कराई जाए। 👉 यदि आपके क्षेत्र में भी विकास कार्यों में अनियमितताएं हो रही हैं, तो आवाज उठाइए। जनता के टैक्स का पैसा जनता के हित में और गुणवत्ता के साथ खर्च होना चाहिए। #अम्बाला #सोहाता #सड़क_निर्माण #भ्रष्टाचार #जनता_की_आवाज #घटिया_निर्माण #हरियाणा #KurukshetraBhoomi #लोकहित
Haryana, India | Jul 18, 2026

बांदा: सड़क निर्माण की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी, सैकड़ों ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन बांदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में अतर्रा क्षेत्र के ग्राम बाघा के नगला पुरवा के सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी सड़क समस्या को लेकर मंगलवार को जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और सड़क निर्माण की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ए. एस. नोमानी ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक ग्राम नगला पुरवा में पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, जिससे ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। गांव तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना और दोपहिया या चारपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और दमकल जैसी आवश्यक सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पातीं, जबकि स्कूली बच्चों को भी विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ए. एस. नोमानी ने जिला प्रशासन से मांग की कि इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र सड़क निर्माण के निर्देश दिए जाएं, ताकि ग्रामीणों को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके और क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करेगा। UP 90 Creator #बांदा #BundelkhandInsafSena #सड़क_निर्माण #बुंदेलखंड
Banda, Banda | Jul 15, 2026