संसद केवल एक भवन भर नहीं है, वह परंपराओं, संवैधानिक मूल्यों, नियमों का प्रतिष्ठान भी है, हमारे लोकतंत्र का आधार है। 2014 के बाद मोदी राज में 9 साल के इस कालखण्ड में संसद के अनेक नियमों और परंपराओं को बदला गया है।
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Chhattisgarh, India | May 26, 2023