शंकरशण कुंड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है कुंड में गंदगी को देख श्रद्धालुओं की भावना आहत हो रही है यह कुंड गिरिराज जी की सप्तकोशी परिक्रमा की बड़ी परिक्रमा में आता है और यह कुंड अति प्राचीन है।गिरिराज जी की परिक्रमा करने के बाद इस कुंड के जल का श्रद्धालु आचमन करते हैं वही कुंड के पास इतनी गंदगी हो गई है कि लोग आचमन के दौरान इस कुंड में रपट कर गिर जाते हैं