झारड़ा में हुए नसबंदी शिविर में डॉक्टर की लापरवाही से महिला की जान पर बन आई है। आरोप है कि गलत नस कटने से रक्तस्त्राव बंद नहीं हो रहा है। तीन दिनों में 20 यूनिट रक्त चढ़ाने के बाद भी महिला की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। चरक में इलाज के बाद अब महिला को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।झारड़ा स्वास्थ्य केंद्र में 9 जनवरी शुक्रवार को नसबंदी शिविर लगा था। ज