मंडीदीप जिस शहर में पुलिस खुद सुरक्षित नहीं, वहाँ आम नागरिक की सुरक्षा महज एक भ्रम बनकर रह गई है। ड्यूटी के दौरान आरक्षक पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी 18 महीने बाद भी पुलिस की पकड़ से कैसे दूर हैं। इस घटना का विचित्र पहलू यह कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है, इसके बावजूद न गिरफ्तारी हुई, न पहचान।