शहर में एक तरफ जहां जिला प्रशासन और नगर पालिका शहर को चकाचौंध करने और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के मुक्तिधामों की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। रविवार शाम एक ऐसा ही हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जहां बिजली न होने के कारण परिजनों को अपने प्रियजन का अंतिम संस्कार मोबाइल की टॉर्च में करना पड़ा।