वीएचपी के राजेश अवस्थी ने पूजन सामग्री को नदियों में बहाने के बजाय भू-विसर्जन करने की अपील की। वहीं संयोजक रेहान कुरैशी ने गंगा-जमुनी तहजीब के साथ पर्यावरण बचाने पर जोर दिया। विभिन्न समुदायों की इस सामूहिक भागीदारी ने सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की। कार्यक्रम का समापन 'स्वच्छ नदी, सुरक्षित भविष्य' के संकल्प के साथ हुआ